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| शहडोल; तालाब किनारे उतरे अफसर और जनता: श्रमदान से उठी जल बचाने की सामूहिक आवाज Aajtak24 News |
शहडोल - जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में शहडोल में एक सामूहिक पहल देखने को मिली, जहां “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत हेडगेवार तालाब परिसर में व्यापक स्तर पर श्रमदान और स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने एक साथ भाग लेकर जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया। नगर पालिका परिषद शहडोल द्वारा आयोजित इस अभियान में जेल बिल्डिंग के समीप स्थित हेडगेवार तालाब परिसर में साफ-सफाई और संरक्षण कार्य किए गए। अभियान का उद्देश्य जल स्रोतों को संरक्षित करना, स्वच्छता बनाए रखना और आमजन में जल संवर्धन के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम प्रजापति, एसडीएम अमृता गर्ग, नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल सहित कई अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने स्वयं श्रमदान किया। अभियान में अमृत मित्र स्व-सहायता समूह की महिलाओं, पीडीएमसी टीम, नगर पालिका अमले और सफाई मित्रों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान नागरिकों से अपील की गई कि जल स्रोतों की सुरक्षा को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर जनआंदोलन बनाया जाए।
प्रशासन का कहना है कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत नगर के विभिन्न जल स्रोतों के संरक्षण, पुनर्जीवन और पर्यावरण संवर्धन के लिए लगातार श्रमदान, स्वच्छता और जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. तालाबों की सफाई और श्रमदान अभियान नियमित रूप से हो रहे हैं—लेकिन जल संग्रहण क्षमता और भूजल स्तर में वास्तविक सुधार को मापने का क्या तंत्र है?
2. क्या हेडगेवार तालाब के संरक्षण के लिए दीर्घकालिक वैज्ञानिक योजना और बजट तय किया गया है, या अभियान केवल प्रतीकात्मक गतिविधियों तक सीमित रहेगा?
3. यदि जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाया जा रहा है, तो नागरिकों की भागीदारी को सालभर बनाए रखने के लिए प्रशासन की स्थायी रणनीति क्या है?
