अनुपपुर; खेती को मुनाफे का मॉडल बनाओ, ईंधन बचाओ! कलेक्टर ने अफसरों को दिया डबल टारगेट Aajtak24 News

अनुपपुर; खेती को मुनाफे का मॉडल बनाओ, ईंधन बचाओ! कलेक्टर ने अफसरों को दिया डबल टारगेट Aajtak24 News

अनुपपुर - जिले में खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदलने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में प्रशासन ने नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। कलेक्ट्रेट के नर्मदा सभागार में आयोजित समय-सीमा समीक्षा बैठक में कलेक्टर हर्षल पंचोली ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत दारसागर और भाद के किसानों को चिन्हित कर कृषि आधारित क्लस्टर विकसित किए जाएं और उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाए। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि एपीसी से जुड़े विभाग—उद्यानिकी, मत्स्य, पशुपालन और कृषि—आपसी समन्वय के साथ काम करें और किसानों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को आधुनिक कृषि मॉडल, पॉलीहाउस परियोजना और मत्स्य पालन जैसी आय बढ़ाने वाली गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष फोकस किया जाए, ताकि खेती केवल उत्पादन नहीं बल्कि आय का मजबूत माध्यम बन सके।

बैठक में जिले में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर भी गंभीर समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जिला आपूर्ति अधिकारी से जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि ईंधन आपूर्ति व्यवस्था नियमित और व्यवस्थित बनी रहे। साथ ही अधिकारियों और नागरिकों से अपील की गई कि वाहनों का उपयोग आवश्यकता के अनुसार ही करें ताकि आपूर्ति पर अनावश्यक दबाव न बने। सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शिकायतों के निराकरण में व्यक्तिगत रुचि लें और शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित करें। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक जवाब देने के बजाय गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड अपडेट, नाम जोड़ने और विलोपन की प्रक्रिया, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना और विद्युत विभाग से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए। जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जल दर्पण पोर्टल पर रोजगार सहायकों को शीघ्र ऑनबोर्ड करने और प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर घर तक नल-जल योजना का लाभ पहुंच रहा है या नहीं, इसकी प्रतिदिन निगरानी होनी चाहिए। इसके लिए जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई।

बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान, संबल योजना के लंबित आवेदन, आयुष्मान कार्ड निर्माण, ई-ऑफिस के उपयोग तथा चना और मसूर उपार्जन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बैठक में अर्चना कुमारी, दिलीप कुमार पांडेय, वसीम अहमद भट्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. दारसागर और भाद में कृषि क्लस्टर बनाने की घोषणा हुई है, लेकिन क्या पहले भी ऐसे मॉडल लागू हुए थे और उनके परिणाम सार्वजनिक किए गए हैं?
  2. पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील प्रशासन कर रहा है, तो क्या सरकारी विभागों के वाहन उपयोग और ईंधन खर्च का भी ऑडिट कराया जाएगा?
  3. सीएम हेल्पलाइन में शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद की बात कही गई है, तो क्या अब अधिकारियों की जवाबदेही शिकायतकर्ता की संतुष्टि से भी जोड़ी जाएगी?

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