कबीरधाम; छत पर शुरू हुआ पारिवारिक विवाद… समधी की मौत पर खत्म हुआ झगड़ा Aajtak24 News

कबीरधाम; छत पर शुरू हुआ पारिवारिक विवाद… समधी की मौत पर खत्म हुआ झगड़ा Aajtak24 News

कबीरधाम - पारिवारिक रिश्तों के बीच हुआ विवाद कब जानलेवा बन जाए, इसका दर्दनाक उदाहरण कबीरधाम जिले के कुकदुर थाना क्षेत्र में सामने आया है। यहां मामूली विवाद ने इतना हिंसक रूप ले लिया कि एक समधी ने दूसरे समधी की लकड़ी के डंडे से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामला ग्राम लखनपुर का है, जहां 17 मई 2026 को मनीराम श्याम ने थाना कुकदुर में सूचना दी कि 16 मई की रात करीब 8 से 9 बजे के बीच टहलू राम टेकाम और उसके समधी दुखीराम श्याम के बीच मकान की छत पर किसी बात को लेकर विवाद हो गया था।

बताया गया कि विवाद के दौरान गुस्से में आए दुखीराम श्याम ने लकड़ी के गेड़ा (डंडे) से टहलू राम टेकाम के सिर और कान पर जोरदार हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से टहलू राम की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। सूचना मिलते ही थाना कुकदुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने देखा कि मृतक मकान की छत पर खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ था और उसके सिर व कान से रक्तस्राव हो रहा था। पुलिस ने मर्ग कायम कर पंचनामा, गवाहों के बयान और अन्य वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल आरोपी की तलाश शुरू की। विवेचना के दौरान आरोपी दुखीराम श्याम (74 वर्ष) निवासी दैहानटोला को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लकड़ी का डंडा भी बरामद कर जब्त किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले की आगे की जांच जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक संग्राम सिंह के नेतृत्व में थाना कुकदुर की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गंभीर अपराधों में त्वरित और सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. क्या यह हत्या अचानक गुस्से का नतीजा थी या दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद की स्थिति बनी हुई थी, जिसकी जानकारी स्थानीय स्तर पर थी?
  2. ग्रामीण क्षेत्रों में पारिवारिक विवाद अक्सर हिंसक रूप ले लेते हैं — क्या पुलिस और प्रशासन ऐसे संवेदनशील मामलों में सामुदायिक मध्यस्थता या रोकथाम के प्रयास कर रहे हैं?
  3. 74 वर्षीय आरोपी द्वारा इतनी गंभीर वारदात को अंजाम देना कई सामाजिक सवाल खड़े करता है — क्या गांवों में बढ़ते तनाव और पारिवारिक संघर्षों पर प्रशासन कोई सामाजिक हस्तक्षेप योजना चला रहा है?

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