
बेमेतरा; सिर्फ फाइलें नहीं, ज़मीन पर दिखे बदलाव! राज्यपाल ने अफसरों से कहा Aajtak24 News
बेमेतरा - बेमेतरा में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में रमेन डेका ने शासन की महत्वाकांक्षी और जनहितकारी योजनाओं की प्रगति का गहन आकलन किया। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का असली उद्देश्य केवल आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना होना चाहिए। बैठक में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई, एसएसपी रामकृष्ण साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। राज्यपाल ने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव या प्रशासनिक जटिलताओं के कारण योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और पात्रता आधारित चयन प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया। राज्यपाल ने निर्देश दिए कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को योजनाओं की सही जानकारी दी जाए ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लाभान्वित हो सकें। बैठक में महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन पर भी विशेष चर्चा हुई। राज्यपाल ने स्वयं सहायता समूहों को मजबूत बनाने, महिलाओं को बैंक लिंकेज और कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना राज्य के समग्र विकास के लिए जरूरी है।
युवाओं के कौशल विकास को लेकर राज्यपाल ने कहा कि उन्हें केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाया जाए। उन्होंने डिजिटल साक्षरता, वित्तीय प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही मुद्रा योजना और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के माध्यम से युवाओं को आसान ऋण और मेंटरशिप उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने सड़क सुरक्षा पर “थ्री-ई मॉडल” के तहत कार्य करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में साइन बोर्ड, स्पीड ब्रेकर और सड़क सुधार कार्य तेज करने को कहा। साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में यातायात जागरूकता अभियान चलाने तथा “गुड सेमेरिटन” नीति के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। टीबी उन्मूलन को लेकर राज्यपाल ने माइक्रो प्लानिंग के तहत घर-घर सर्वे अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों और समाज के सक्षम लोगों को “निक्षय मित्र” बनकर टीबी मरीजों को गोद लेने और उन्हें अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया।
जल संरक्षण को लेकर भी राज्यपाल ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने डबरी निर्माण, चेक डैम, वाटर हार्वेस्टिंग और अमृत सरोवर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि बढ़ती गर्मी और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए जल संचयन अब विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुका है। बैठक में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने कहा कि योग, खेलकूद, एनसीसी और एनएसएस जैसी गतिविधियां युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने शिक्षण संस्थानों को इन गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में राज्यपाल ने अधिकारियों से सेवा भावना और मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि योजनाओं का प्रभाव तभी दिखेगा जब प्रशासन लोगों के जीवन में भरोसा और बदलाव दोनों ला सके।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की बात हर समीक्षा बैठक में होती है, लेकिन क्या प्रशासन यह बताएगा कि जिले में अब भी कितने पात्र लोग योजनाओं से वंचित हैं और इसकी जिम्मेदारी किसकी है?
- महिला सशक्तिकरण और युवा रोजगार पर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन क्या जिले में प्रशिक्षित युवाओं और स्वयं सहायता समूहों की आय में वास्तविक वृद्धि के आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे?
- सड़क सुरक्षा और टीबी उन्मूलन को लेकर लगातार निर्देश दिए जाते हैं, फिर भी दुर्घटनाएं और टीबी के मामले कम क्यों नहीं हो रहे? क्या केवल समीक्षा बैठकों से समस्या हल हो जाएगी या जमीनी जवाबदेही भी तय होगी?