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| मुरैना; एक वोट भी इधर-उधर नहीं! मुरैना में मतदाता सूची को लेकर प्रशासन अलर्ट, शुरू हुआ बड़ा पुनरीक्षण अभियान” Aajtak24 News |
मुरैना - आगामी स्थानीय निर्वाचन को ध्यान में रखते हुए जिले में मतदाता सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने की तैयारी तेज हो गई है। सोमवार को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में जिला स्तरीय स्टेंडिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें नगरीय निकाय और पंचायतों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण-2026 की समीक्षा की गई। बैठक में निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए विभिन्न चरणों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार जिले में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और अपीलीय अधिकारियों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है ताकि पुनरीक्षण कार्य समय पर पूरा किया जा सके।
मतदाता सूची पुनरीक्षण के पहले चरण में मतदान केन्द्रों की संरचना और मतदाताओं की संख्या की समीक्षा की गई। जानकारी दी गई कि जिन पंचायत क्षेत्रों में 780 से अधिक और नगरीय क्षेत्रों में 1200 से अधिक मतदाता पाए गए, वहां मतदान केन्द्रों का पुनर्गठन और विभाजन किया गया है। इसके तहत कुछ मतदाताओं को नए या अन्य मतदान केन्द्रों में स्थानांतरित किया गया है ताकि मतदान प्रक्रिया अधिक सुचारू बनाई जा सके।
बैठक में बताया गया कि दूसरे चरण में ईआरएमएस सॉफ्टवेयर के माध्यम से फोटोरहित और फोटोयुक्त प्रारूप मतदाता सूची तैयार की गई है। फोटोरहित सूची पहले ही प्रकाशित की जा चुकी है, जबकि फोटोयुक्त प्रारूप सूची के सार्वजनिक प्रकाशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि 15 मई से 25 मई 2026 तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने और दावे-आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर रहेगा। इस अवधि में नागरिक अपने विवरणों की जांच कर आवश्यक सुधार करा सकते हैं।
कलेक्टर ने बैठक में मौजूद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल एजेंट, जनप्रतिनिधि और नागरिकों की भागीदारी से ही त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जा सकती है और यही निष्पक्ष चुनाव की आधारशिला है। बैठक में शारदा सोलंकी, आरती गुर्जर, कमलेश कुमार भार्गव सहित विभिन्न अधिकारी और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने का दावा किया जा रहा है, तो क्या प्रशासन यह बताएगा कि पिछले पुनरीक्षण में कितने गलत या डुप्लीकेट नाम सामने आए थे?
- मतदान केन्द्रों के पुनर्गठन के बाद क्या यह सुनिश्चित किया गया है कि ग्रामीण और बुजुर्ग मतदाताओं को अतिरिक्त दूरी तय न करनी पड़े?
- मतदाता सूची में नाम जोड़ने और संशोधन के लिए केवल सीमित अवधि दी गई है, तो क्या प्रशासन गांव स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाएगा या जिम्मेदारी सिर्फ नागरिकों पर रहेगी?
