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| श्योपुर; राजस्व रिकॉर्ड में देरी अब नहीं चलेगी, प्रमुख सचिव ने दिए साफ संकेत Aajtak24 News |
श्योपुर - प्रदेश में राजस्व सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। राजस्व विभाग की पाक्षिक समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल ने प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं और कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में सभी जिलों के कलेक्टर वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए और राजस्व विभाग से जुड़े प्रमुख कार्यों की स्थिति पर चर्चा की गई। बैठक में सबसे ज्यादा जोर राजस्व अभिलेखों के डिजिटाइजेशन पर दिया गया। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप में बदलने के लिए अभी से पूर्व तैयारी पूरी कर ली जाए और आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि भविष्य में राजस्व सेवाओं को अधिक सरल और उपयोगी बनाने के लिए तकनीकी व्यवस्था मजबूत करना जरूरी होगा।
समीक्षा के दौरान स्वामित्व योजना के अंतर्गत जारी किए गए पट्टों की रजिस्ट्री प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। प्रमुख सचिव ने कहा कि इस संबंध में जल्द ही कार्यक्रम का विस्तृत शेड्यूल जारी किया जाएगा, इसलिए सभी जिले आवश्यक तैयारी पहले से रखें ताकि क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो।
बैठक में यह भी संकेत दिए गए कि राजस्व संबंधी सेवाओं की उपयोगिता बढ़ाने के लिए जिलों को अधिक सक्रिय भूमिका निभानी होगी। रिकॉर्ड प्रबंधन, सेवा वितरण और प्रक्रिया की गति बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। वर्चुअल बैठक के दौरान एनआईसी कक्ष श्योपुर में कलेक्टर शीला दाहिमा, डिप्टी कलेक्टर संजय जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- राजस्व अभिलेखों के डिजिटाइजेशन की तैयारी की बात हो रही है, लेकिन क्या प्रशासन यह बताएगा कि अभी तक कितने प्रतिशत रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटल हो चुके हैं?
- स्वामित्व योजना के तहत पट्टे जारी होने के बाद भी कई मामलों में रजिस्ट्री लंबित रहती है, तो क्या इसके लिए जवाबदेही तय की जाएगी?
- राजस्व सेवाओं को तेज और प्रभावी बनाने के दावे लगातार किए जाते हैं, फिर भी आम नागरिकों को सीमांकन, नामांतरण और रिकॉर्ड सुधार के लिए महीनों इंतजार क्यों करना पड़ता है?
