मनेंद्रगढ़ में श्रमिकों की हुंकार: योजनाओं से जोड़कर सशक्तिकरण का दिखा बड़ा मॉडल Aajtak24 News

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मनेंद्रगढ़ - जिले के मनेंद्रगढ़ में आयोजित जिला स्तरीय भव्य श्रमिक सम्मेलन श्रमिक सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार का बड़ा मंच बनकर सामने आया। डोमनापारा स्थित गोंडवाना समाज भवन, आरटीओ कैंप के पास आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 600 निर्माण एवं असंगठित श्रमिकों ने भाग लेकर शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने श्रमिकों को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताते हुए कहा कि श्रमिक वर्ग के बिना विकास की गति अधूरी है।

सम्मेलन में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बताया कि सरकार श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सहायता, शिक्षा सहयोग, पेंशन और आर्थिक सहायता जैसी कई योजनाएं चला रही है, जिनका उद्देश्य उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। सांसद प्रतिनिधि श्री ओमप्रकाश गुप्ता ने कहा कि यह सम्मेलन केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रमिकों को उनके अधिकारों और योजनाओं से सीधे जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने श्रमिकों से श्रम विभाग में पंजीयन कर योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को सहायता राशि के चेक वितरित किए गए। मुख्यमंत्री मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत राम सिंह को 1 लाख रुपये प्रदान किए गए। वहीं मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत मालती सिंह को 20 हजार रुपये, मुख्यमंत्री सियान सहायता योजना के तहत कतर सिंह को 20 हजार रुपये, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा योजना के तहत नरेंद्र परस्ते को 45 हजार रुपये तथा मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत मंगली बाई को 20 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई।

इन लाभों से उत्साहित हितग्राहियों ने कहा कि ऐसी योजनाएं श्रमिक परिवारों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही हैं और आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही हैं। सम्मेलन में श्रमिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, पंजीयन प्रक्रिया, मातृत्व सुरक्षा, शिक्षा सहायता और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में श्रमिकों की भागीदारी और योजनाओं के प्रति उनकी जागरूकता स्पष्ट रूप से देखने को मिली। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधियों, श्रमिक संघों के पदाधिकारियों एवं अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया। यह सम्मेलन श्रमिक वर्ग के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. 600 श्रमिकों की मौजूदगी के बावजूद क्या श्रमिक पंजीयन और योजनाओं की पहुंच का वास्तविक प्रतिशत जिला स्तर पर संतोषजनक है, या अभी भी बड़ा वर्ग योजनाओं से बाहर है?
  2. कई योजनाओं में सीधे चेक वितरण किया गया—क्या प्रशासन यह सुनिश्चित करता है कि यह सहायता केवल तत्काल राहत नहीं बल्कि स्थायी आजीविका सुधार में भी बदल रही है?
  3. क्या श्रमिकों के लिए चल रही योजनाओं का कोई स्वतंत्र सामाजिक ऑडिट होता है, जिससे यह पता चले कि लाभ वास्तव में पात्र श्रमिकों तक ही पहुंच रहा है या नहीं?

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