| मनेंद्रगढ़; मेंड्रा में दिखा सुशासन का नया चेहरा: चौपाल बनी समाधान केंद्र, 620 आवेदन पर त्वरित कार्रवाई Aajtak24 News |
मनेंद्रगढ़ - जिले के खड़गवां विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मेंड्रा में आयोजित सुशासन तिहार-2026 का जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों के लिए सीधे लाभ और त्वरित समाधान का प्रभावी मंच बनकर सामने आया। “संवाद से संपूर्ण समाधान” की थीम पर आयोजित इस शिविर में मेंड्रा सहित पैनारी, धवलपुर, बेलबहरा, नेवरी और कोड़ा पंचायतों के हजारों ग्रामीण शामिल हुए। शिविर में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं, मांगें और आवेदन प्रशासन के समक्ष रखे, जिन पर अधिकारियों ने तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। शेष आवेदनों को निर्धारित समय-सीमा में निराकरण के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया।
शिविर का शुभारंभ जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ममता सिंह, जनपद सदस्य श्रीमती श्याम बाई मरकाम, गजराज सिंह, एसडीएम विजयेन्द्र सारथी, जनपद सीईओ रूपेश बंजारे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। एक ही स्थान पर कई विभागों के स्टॉल लगाए गए, जहां स्वास्थ्य, कृषि, मनरेगा, राजस्व, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, खाद्य विभाग, पुलिस, पशु चिकित्सा, आयुष, जल संसाधन, पीएम ग्राम सड़क योजना सहित विभिन्न विभागों ने ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी और सेवाएं उपलब्ध कराईं।
शिविर में कुल 620 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से कई मामलों का त्वरित निराकरण किया गया और बड़ी संख्या में हितग्राहियों को मौके पर लाभ मिला। इस दौरान 10 लोगों को आयुष्मान कार्ड, 10 को राशन कार्ड, 10 किसानों को ई-ऋण पुस्तिका, 22 हितग्राहियों का ई-केवाईसी, 18 आधार अपडेट तथा 2 क्षय रोगियों को फूड बास्केट प्रदान किया गया। योजनाओं का लाभ सीधे हाथों-हाथ मिलने से ग्रामीणों में संतोष और विश्वास का माहौल देखा गया। जनप्रतिनिधियों ने इसे सुशासन की नई कार्यशैली बताया और कहा कि सरकार अब गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रही है।
एसडीएम विजयेन्द्र सारथी ने कहा कि सभी 620 आवेदनों पर विभागवार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी प्रकरण को लंबित नहीं रहने दिया जाएगा। कार्यक्रम में सरपंच रामभजन सिंह सहित सभी संबंधित पंचायतों के जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। यह शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की पहुंच और जनविश्वास को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- 620 आवेदनों में कई बुनियादी जरूरतें शामिल हैं—क्या यह संकेत है कि इन 6 पंचायतों में नियमित प्रशासनिक व्यवस्था अभी भी लोगों की मूलभूत समस्याएं हल करने में पूरी तरह सक्षम नहीं है?
- शिविर में मौके पर समाधान दिखाया जा रहा है, लेकिन क्या प्रशासन के पास ऐसा सिस्टम है जो यह सुनिश्चित करे कि ये समाधान केवल तात्कालिक न होकर स्थायी रूप से प्रभावी रहें?
- लगातार शिविरों के बावजूद बड़ी संख्या में आवेदन आ रहे हैं—क्या शासन यह मानता है कि योजनाओं की पहुंच और जमीनी क्रियान्वयन के बीच अभी भी बड़ा गैप मौजूद है?