| सुकमा; बरसों की इंतज़ार खत्म: सुशासन शिविर में मिली घर की चाबी, खुशियों से भर उठे चेहरे Aajtak24 News |
सुकमा - प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधे संवाद को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित ‘सुशासन तिहार’ अभियान के तहत तोंगपाल क्लस्टर शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। शिविर में आसपास के गांवों से आए लोगों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं और कई मामलों में मौके पर समाधान की प्रक्रिया शुरू की गई। शिविर का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं बल्कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और लोगों को सरकारी प्रक्रियाओं की जानकारी देना भी रहा। इस शिविर का सबसे खास और भावनात्मक पल तब सामने आया जब वर्षों से पक्के घर की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को उनके नए घर की चाबी सौंपी गई। जिला पंचायत सदस्य हुंगाराम मरकाम ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत ग्राम पंचायत पालेम के हितग्राही कोसा दुधी और टाहकवाड़ा के हितग्राही हेमधर एवं रुको को उनके नए आवास की चाबी प्रदान की।
चाबी मिलते ही हितग्राहियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक वे कच्चे मकानों में रहने को मजबूर थे, जहां हर बारिश और मौसम बदलाव के दौरान परिवार की सुरक्षा चिंता का विषय बनी रहती थी। नए पक्के घर ने उन्हें केवल रहने की जगह नहीं बल्कि स्थायित्व और सुरक्षा का एहसास भी दिया है। शिविर में अधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, प्रमाण पत्र निर्माण और आवेदन प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी ताकि लोग भविष्य में योजनाओं तक आसानी से पहुंच सकें। हितग्राहियों ने सरकार और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पक्का घर मिलने से उनके परिवार का जीवन स्तर बेहतर होगा और बच्चों को भी अधिक सुरक्षित वातावरण मिलेगा। कार्यक्रम में पीवी खेस, पीके गुप्ता सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जिन परिवारों को अब आवास मिला है, वे इतने वर्षों तक योजना से वंचित क्यों रहे और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय की गई?
- शिविर में समस्याओं के मौके पर समाधान का दावा किया गया है, क्या प्रशासन इसकी सार्वजनिक ट्रैकिंग रिपोर्ट भी जारी करेगा कि कितने मामलों का वास्तव में निपटारा हुआ?
- क्या सुशासन शिविर केवल चयनित गांवों तक सीमित रहेगा या दूरस्थ क्षेत्रों में भी इसी मॉडल को नियमित रूप से लागू किया जाएगा?