
बुधनी में जनगणना कार्य की गुणवत्ता पर प्रशासन की पैनी नजर Aajtak24 News
सीहोर - बुधनी में जनगणना कार्य की गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए जनगणना विभाग ने मैदानी स्तर पर निरीक्षण अभियान चलाया। इसी क्रम में संजीव श्रीवास्तव ने रविवार को बुधनी पहुंचकर जनगणना कार्यों का निरीक्षण किया और फील्ड पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रगणकों और सुपरवाइजरों से जानकारी लेते हुए मकान सूचीकरण और जनसंख्या आंकड़ों के संकलन की प्रक्रिया की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आंकड़ों की शुद्धता और पारदर्शिता में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
जनगणना विभाग के अनुसार बुधनी तहसील में प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। इस चरण में कुल 20,743 मकानों का सर्वे किया गया, जिसमें 77,107 लोगों का विवरण दर्ज किया गया है। निरीक्षण के दौरान जमील खान, रामावतार पटेल, यशस्वी और ललित सोनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जनगणना निदेशक ने अधिकारियों से कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं बल्कि भविष्य की सरकारी योजनाओं और संसाधनों के निर्धारण का आधार होती है। इसलिए हर जानकारी का सही और समय पर संकलन बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने फील्ड कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सर्वेक्षण के दौरान छूटे हुए परिवारों और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि कोई भी नागरिक जनगणना प्रक्रिया से बाहर न रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जनगणना में शत-प्रतिशत कार्य पूरा होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन क्या प्रशासन यह सुनिश्चित कर पाया है कि कोई परिवार या बस्ती सर्वे से छूटी नहीं है?
- मैदानी स्तर पर कई बार गलत आंकड़े और अधूरी जानकारी की शिकायतें आती हैं। क्या डेटा सत्यापन के लिए कोई स्वतंत्र जांच प्रणाली बनाई गई है?
- जनगणना के आंकड़े भविष्य की योजनाओं का आधार होते हैं, तो यदि सर्वे में त्रुटियां पाई जाती हैं, उसकी जिम्मेदारी किस अधिकारी पर तय होगी?