
विदिशा; गेहूं खरीदी में गड़बड़ी पर सख्त शिवराज! बारदाने और स्लॉट बुकिंग संकट पर अफसरों की लगी क्लास Aajtak24 News
विदिशा - विदिशा में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत जारी गेहूं उपार्जन कार्यों की समीक्षा को लेकर आयोजित बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। विदिशा कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में आयोजित इस समीक्षा बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संसदीय क्षेत्र के विभिन्न जिलों के विधायक, कलेक्टर, खाद्य विभाग के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। बैठक में गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसानों को मिल रही सुविधाओं, तौल व्यवस्था, परिवहन, भुगतान प्रक्रिया, बारदानों की उपलब्धता और भंडारण व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
समीक्षा के दौरान विभिन्न जिलों के कलेक्टरों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उपार्जन कार्यों की स्थिति की जानकारी दी। अधिकारियों ने किसानों की बढ़ती आवक, स्लॉट बुकिंग और बारदानों की कमी जैसी व्यावहारिक समस्याओं को भी बैठक में रखा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि बारदानों की उपलब्धता और स्लॉट बुकिंग संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने गोविन्द सिंह राजपूत से चर्चा की है और जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया है।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीदी केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उपार्जन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित की जाए। बैठक में किसानों के लिए पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपार्जन कार्यों की सतत निगरानी की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में अनिल कुमार डामोर, रोहित काशवानी, ओपी सनोड़िया सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- हर साल गेहूं खरीदी में बारदानों और स्लॉट बुकिंग की समस्या सामने आती है, फिर भी सरकार स्थायी समाधान क्यों नहीं कर पा रही?
- यदि खरीदी व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है, तो कई केंद्रों पर किसानों को घंटों इंतजार और भुगतान में देरी जैसी शिकायतें लगातार क्यों मिल रही हैं?
- सरकार किसानों को प्राथमिकता देने की बात कर रही है, लेकिन क्या खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था और बिचौलियों की भूमिका पर कोई ठोस कार्रवाई हुई है?