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| बड़वानी; कलेक्टर पहुंचीं अस्पताल, कहा—इलाज के साथ सुविधा भी जरूरी Aajtak24 News |
बड़वानी - भीषण गर्मी के दौर में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति जानने के लिए कलेक्टर जयति सिंह मंगलवार को अचानक अस्पतालों के निरीक्षण पर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने अंजड़ सिविल अस्पताल और बरूफाटक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा कर इलाज व्यवस्था, दवा उपलब्धता और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। अंजड़ सिविल अस्पताल में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ओपीडी व्यवस्था, दवा वितरण प्रणाली, औषधि भंडार और कंप्यूटर कक्ष सहित विभिन्न विभागों की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से मरीजों को समय पर उपचार और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बीएमओ से अस्पताल संचालन और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर चर्चा की तथा कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में केवल औपचारिक व्यवस्थाएं नहीं बल्कि उनका वास्तविक संचालन भी सुनिश्चित होना चाहिए। इसके बाद कलेक्टर बरूफाटक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं, जहां उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों से सीधे बातचीत कर रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या, उपचार व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
गर्मी की परिस्थितियों को देखते हुए कलेक्टर ने विशेष निर्देश दिए कि अस्पतालों में लगे कूलरों में नियमित रूप से पानी भरा जाए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को गर्मी से राहत मिल सके और इलाज के दौरान असुविधा न हो। यह निरीक्षण प्रशासन की उस कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं को केवल इलाज तक सीमित न रखकर मरीजों के अनुभव और सुविधा पर भी ध्यान देने की बात की जा रही है। हालांकि असली तस्वीर तब सामने आएगी जब निरीक्षण के बाद व्यवस्थाओं में स्थायी सुधार दिखाई देगा।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- यदि अस्पतालों में कूलरों में पानी भरने जैसे बुनियादी निर्देश देने पड़ रहे हैं, तो क्या नियमित निगरानी व्यवस्था पर्याप्त रूप से काम नहीं कर रही?
- निरीक्षण में ओपीडी, दवा वितरण और भंडार की समीक्षा हुई—क्या अस्पतालों में दवाओं और स्टाफ की उपलब्धता पर कोई सार्वजनिक रिपोर्ट जारी की जाएगी?
- अचानक निरीक्षण के बाद जो कमियां सामने आती हैं, उनके सुधार की समय-सीमा और जवाबदेही कैसे तय की जाती है?
