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| रीवा; दो दिन में जनता की हर शिकायत खत्म करो, वरना नोटिस के लिए तैयार रहो! कलेक्टर का अल्टीमेटम Aajtak24 News |
रीवा - जिले में लंबित शिकायतों और धीमी प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर अब सख्ती का दौर शुरू हो गया है। कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने साफ शब्दों में कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त हर आवेदन का दो दिन के भीतर शत-प्रतिशत निराकरण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता शासन-प्रशासन पर भरोसा करके आवेदन देती है और उस भरोसे को टूटने नहीं दिया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि आमजन के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा। जिला और विकासखंड स्तर पर आने वाले सभी आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ग्राम जतरी और सकरबट में आमजनों से संवाद के दौरान दिए गए निर्देशों का पालन प्रतिवेदन और फीडबैक दो दिन में प्रस्तुत करने को कहा गया।
बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को पूरी तरह डिजिटल बनाने पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया कि अब सभी फाइलें और पत्र केवल ई-ऑफिस के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। हार्ड कॉपी में फाइलें कलेक्ट्रेट में स्वीकार नहीं होंगी। उन्होंने जिला, तहसील और विकासखंड स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्त पत्राचार और जानकारी ऑनलाइन माध्यम से ही भेजी जाए। कलेक्टर ने लक्ष्य तय करते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर रीवा जिले को ई-ऑफिस रैंकिंग में टॉप-10 जिलों में शामिल कराया जाए।
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान भी कलेक्टर का सख्त रवैया देखने को मिला। उन्होंने सभी विभागों को 80 से अधिक अंक प्राप्त करने के निर्देश दिए। साफ चेतावनी दी गई कि 80 अंक से कम ग्रेडिंग आने पर संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। इससे प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ गई है।
जनगणना कार्य की समीक्षा में नगरीय क्षेत्र में मकान सूचीकरण का कार्य 91 प्रतिशत पूरा होने पर संबंधित अधिकारियों की सराहना की गई। वहीं शेष अधिकारियों को तत्काल शत-प्रतिशत फीडिंग पूरी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में पेयजल व्यवस्था, समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन, सड़कों के सुधार, जल गंगा संवर्धन अभियान और वृक्षारोपण की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे नियमित भ्रमण करें और टूर डायरी के अनुसार फील्ड में जाकर योजनाओं की निगरानी करें। भ्रमण के दौरान की गई कार्रवाई की रिपोर्ट देना अनिवार्य होगा। उन्होंने विभागीय उपलब्धियों की योजनावार जानकारी देने और भौतिक व वित्तीय प्रगति स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने को भी कहा। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर, अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- दो दिन में जनसुनवाई के सभी आवेदन निपटाने का निर्देश दिया गया है, लेकिन क्या प्रशासन यह बताएगा कि अब तक हजारों लंबित मामलों के लिए जिम्मेदार कौन है?
- ई-ऑफिस को पूरी तरह लागू करने की बात हो रही है, तो क्या ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में तकनीकी संसाधनों की कमी के कारण काम प्रभावित नहीं होगा?
- सीएम हेल्पलाइन में 80 से कम ग्रेडिंग पर नोटिस की चेतावनी दी गई है, लेकिन क्या पहले खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई हुई है या सिर्फ चेतावनी तक मामला सीमित रहा?
