गेहूं खरीदी के आखिरी दौर में कलेक्टर का अलर्ट: ‘एक भी किसान परेशान मिला तो जिम्मेदारों पर गिरेगी गाज Aajtak24 News

गेहूं खरीदी के आखिरी दौर में कलेक्टर का अलर्ट: ‘एक भी किसान परेशान मिला तो जिम्मेदारों पर गिरेगी गाज Aajtak24 News

सतना - जिले में गेहूं खरीदी के अंतिम चरण में प्रशासन अब पूरी तरह अलर्ट मोड पर दिखाई दे रहा है। सोमवार को आयोजित समय-सीमा प्रकरणों की बैठक में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि उपार्जन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी एसडीएम और उपार्जन कार्य से जुड़े अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के खरीदी केन्द्रों का लगातार निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में केवल गेहूं खरीदी ही नहीं, बल्कि सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अवैध खनन जैसे कई गंभीर मुद्दों पर प्रशासनिक सख्ती देखने को मिली। कलेक्टर ने सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए और एसडीएम तथा एसडीओपी को संयुक्त रूप से पटाखा और विस्फोटक पदार्थों के भंडारण की जांच करने को कहा। हाल के हादसों को देखते हुए प्रशासन सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान मझगवां और उचेहरा के पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल संकट को लेकर विशेष चिंता जताई गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां सरकारी जल स्रोत पर्याप्त नहीं हैं, वहां जरूरत पड़ने पर निजी बोर अधिग्रहित करने की तैयारी रखी जाए। साथ ही हर विकासखंड में जरूरत के अनुसार नए हैंडपंप स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। गर्ल्स कॉलेज और मेडिकल कॉलेज में पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए अलग-अलग मदों से प्रस्ताव तैयार कराने की बात भी बैठक में सामने आई। अवैध खनिज और रेत परिवहन को लेकर भी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि कार्रवाई के लिए जाने वाली टीम में राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग के अधिकारियों की संयुक्त मौजूदगी अनिवार्य होगी। उन्होंने संकेत दिए कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर अब ज्यादा सख्ती की जाएगी।

सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा में कई विभागों की कमजोर ग्रेडिंग पर नाराजगी जताई गई। खासकर जिला अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग की “सी ग्रेड” स्थिति पर कलेक्टर ने चिंता व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कोर टीम बनाने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल में एम्बुलेंस पार्किंग और मुख्य गेट पर अतिक्रमण से लगने वाले जाम का मुद्दा भी बैठक में उठा।

जनगणना कार्य की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने मकान सूचीकरण और गणना कार्य समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंकड़ों की शुद्धता बेहद जरूरी है और अनुमानित संख्या से भी अधिक सटीक गणना सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा सतना-पन्ना रेल लाइन, रीवा रेल लाइन दोहरीकरण, एयरपोर्ट, राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ज्यादा से ज्यादा जनसहभागिता जोड़ने पर जोर दिया गया। वहीं शुक्रवार को मझगवां विकासखंड के दौरे के दौरान मीजल्स, वैक्सीनेशन और सुपोषण गतिविधियों की जमीनी जांच करने की बात भी कलेक्टर ने कही। बैठक में नगर निगम आयुक्त शेर सिंह मीना, जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. हर साल खरीदी के अंतिम दिनों में अव्यवस्थाओं की शिकायतें आती हैं, तो क्या प्रशासन यह बताएगा कि इस बार किसानों की परेशानी रोकने के लिए जमीनी स्तर पर क्या नया किया गया है?
  2. जिला अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग की ग्रेड ‘सी’ आने के बाद क्या यह माना जाए कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं अब भी भरोसे के लायक नहीं बन पाई हैं?
  3. अवैध रेत और खनिज परिवहन पर लगातार कार्रवाई के दावे होते हैं, फिर भी जिले में खुलेआम अवैध उत्खनन क्यों जारी है और अब तक बड़े माफियाओं पर क्या ठोस कार्रवाई हुई?

Post a Comment

Previous Post Next Post