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| श्योपुर; अब कोर्ट में ही बैठेंगे तहसीलदार… श्योपुर कलेक्टर का सख्त फरमान, गायब मिले तो होगी कार्रवाई Aajtak24 News |
श्योपुर - जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों और धीमे निराकरण को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर शीला दाहिमा ने साफ शब्दों में कहा कि राजस्व अधिकारियों को अब न्यायालयीन कार्यों का शत-प्रतिशत निराकरण करना होगा और बिना अनुमति न्यायालय से अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कलेक्टर ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार न्यायालयीन और गैर न्यायालयीन कार्यों के लिए अलग-अलग अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। जिन तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को राजस्व न्यायालयों की जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से शाम 6 बजे तक न्यायालयीन कार्य करना होगा। वहीं लॉ एंड ऑर्डर तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए अलग से कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं।
कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि बिना पूर्व अनुमति के न्यायालय से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ डाईजनॉन की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता को समय पर न्याय और राजस्व प्रकरणों का समाधान मिलना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक में नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन प्रकरणों की समीक्षा भी की गई। समीक्षा के दौरान कराहल क्षेत्र का प्रदर्शन सबसे कमजोर पाया गया। अविवादित नामांतरण प्रकरणों में कराहल का निराकरण प्रतिशत केवल 31 प्रतिशत रहा, जबकि पाण्डोला वृत्त का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। इसी प्रकार अविवादित बंटवारा प्रकरणों में कराहल का निराकरण सिर्फ 18 प्रतिशत पाया गया।
सीमांकन प्रकरणों में जिले का कुल निराकरण प्रतिशत 73 रहा, जबकि श्योपुर, अगरा, गसवानी, मानपुर, प्रेमसर और पाण्डोला क्षेत्रों में शत-प्रतिशत निराकरण दर्ज किया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को लंबित मामलों का तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में फार्मर रजिस्ट्री, राजस्व वसूली और टैम्पल रिकॉर्ड पोर्टल पर दर्ज आपत्तियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य शत-प्रतिशत पूरा किया जाए और मंदिरों की भूमि से संबंधित शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो।
वर्षाकाल को देखते हुए कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जलभराव वाले स्थानों का चिन्हांकन कर जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायतों से समन्वय कर नालों की साफ-सफाई कराने और बड़ौदा क्षेत्र में चल रहे नाला निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के आदेश भी दिए। बैठक में अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय, एसडीएम गगन सिंह मीणा, बीएस श्रीवास्तव, अभिषेक मिश्रा सहित जिले के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार मौजूद रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जब कराहल में नामांतरण और बंटवारा प्रकरणों का निराकरण सबसे खराब है, तो क्या संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कोई कार्रवाई की जाएगी?
- राजस्व न्यायालयों में रोज बैठने के निर्देश पहले भी दिए जाते रहे हैं, तो जनता को यह भरोसा कैसे दिलाया जाएगा कि इस बार आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे?
- वर्षों से लंबित राजस्व मामलों के कारण ग्रामीणों को लगातार चक्कर लगाने पड़ते हैं, तो क्या प्रशासन लंबित प्रकरणों के निपटारे के लिए कोई तय समयसीमा सार्वजनिक करेगा?
