सीहोर; आधे-अधूरे कागजों पर भड़के कलेक्टर: ‘फाइलों की लापरवाही जनता पर भारी पड़ रही Aajtak24 News

सीहोर; आधे-अधूरे कागजों पर भड़के कलेक्टर: ‘फाइलों की लापरवाही जनता पर भारी पड़ रही Aajtak24 News

सीहोर - जिले में लंबित प्रकरणों, अधूरी फाइलों और लापरवाह कार्यप्रणाली पर प्रशासन अब सख्त नजर आ रहा है। सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित टीएल बैठक में कलेक्टर बालागुरू के. ने कई विभागों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और साफ शब्दों में कहा कि आधे-अधूरे प्रकरणों के कारण शासन की योजनाएं और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बैठक में सीएम हेल्पलाइन, भूमि आवंटन, भू-अर्जन, पेयजल, जनगणना और सुरक्षा व्यवस्थाओं सहित कई महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई। सबसे ज्यादा नाराजगी भूमि आवंटन के मामलों को लेकर देखने को मिली। कलेक्टर ने कहा कि विभिन्न विभाग अधूरी जानकारी और अपूर्ण दस्तावेजों के साथ प्रकरण भेज रहे हैं, जिससे आवंटन प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबित हो रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि अब हर प्रकरण पूरी तैयारी और आवश्यक दस्तावेजों के साथ ही प्रस्तुत किया जाए। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि लापरवाही के कारण जनता को होने वाली परेशानी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में नेशनल हाईवे और रेलवे परियोजनाओं के लिए चल रहे भू-अर्जन कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को लंबित मामलों का जल्द निराकरण कर प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में देरी सीधे तौर पर जिले की प्रगति को प्रभावित करती है। सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी प्रशासन सतर्क नजर आया। कलेक्टर ने जिले में संचालित पटाखा फैक्ट्रियों और विस्फोटक सामग्री का उपयोग करने वाले संस्थानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन हो और अग्निशमन उपकरणों सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं मौके पर उपलब्ध रहें। लापरवाही मिलने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

नदी घाटों और बांधों में संचालित नौकायन गतिविधियों को लेकर भी प्रशासन गंभीर दिखा। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नौका संचालन के दौरान लाइफ जैकेट, सुरक्षा उपकरण और क्षमता के अनुसार यात्रियों को बैठाने जैसे नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी हादसे से पहले प्रशासनिक सतर्कता जरूरी है। गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल संकट पर भी बैठक में चर्चा हुई। कलेक्टर ने सीएमओ, जनपद सीईओ और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए कि जिले में कहीं भी पेयजल संकट की स्थिति न बनने पाए। खराब हैंडपंप और नल-जल योजनाओं की तत्काल मरम्मत कराने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

जल संरक्षण को लेकर चल रहे “जल गंगा संवर्धन अभियान” की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि जनआंदोलन बनना चाहिए। वहीं जनगणना कार्य की समीक्षा के दौरान उन्होंने इसे शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को पूरी गंभीरता और शुद्धता से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव, संयुक्त कलेक्टर जमील खान सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जब भूमि आवंटन के प्रकरण लगातार अधूरे भेजे जा रहे थे, तो अब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई और यह लापरवाही पहले क्यों नहीं रोकी गई?
  2. पटाखा फैक्ट्रियों और विस्फोटक संस्थानों के नियमित निरीक्षण की बात हो रही है, तो क्या प्रशासन यह बताएगा कि पिछले एक वर्ष में कितने संस्थानों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिला?
  3. हर गर्मी में पेयजल संकट पर बैठकें होती हैं, लेकिन क्या प्रशासन यह स्वीकार करेगा कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग टैंकर और अस्थायी इंतजामों पर निर्भर हैं?

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