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| छिंदवाड़ा में निर्माण कार्यों पर ‘फाइनल अल्टीमेटम’: बरसात से पहले सड़क-पुल पूरे नहीं हुए तो ठेकेदार ब्लैकलिस्ट तय Aajtak24 News |
छिंदवाड़ा - छिंदवाड़ा में कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने विभिन्न विभागों के निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरे किए जाएं। कलेक्ट्रेट के मिनी सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक को दो सत्रों में विभाजित किया गया। पहले सत्र में लोक निर्माण विभाग, सेतु निर्माण, एमपी रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई।
दूसरे सत्र में भवन निर्माण से जुड़े विभागों—जनजातीय कार्य विभाग, हाउसिंग बोर्ड और लोक निर्माण विभाग (भवन)—के कार्यों की स्थिति पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जो कार्य समय सीमा निकलने के बाद भी अधूरे हैं, उन पर लापरवाह ठेकेदारों को टर्मिनेट करने और ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत देरी से चल रहे कार्यों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि वर्षा ऋतु से पहले सड़क और पुल निर्माण कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाए। कलेक्टर ने छिंदवाड़ा–मटकुली मार्ग पर सुरक्षा उपायों को शीघ्र लागू करने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने वर्षा के दौरान जलमग्न होने वाले पुल-पुलियों की सूची तैयार करने को कहा, ताकि आवश्यकतानुसार राजस्व और कोटवार स्तर पर निगरानी व्यवस्था की जा सके।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या अधूरे निर्माण कार्यों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय होगी या सिर्फ ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाएगी?
- हर साल बरसात से पहले काम पूरा करने के निर्देश दिए जाते हैं, फिर भी देरी क्यों होती है—क्या यह सिस्टम फेल्योर नहीं है?
- क्या सड़क और पुल निर्माण की मॉनिटरिंग के लिए कोई रियल-टाइम निगरानी सिस्टम लागू किया गया है या समीक्षा केवल बैठकों तक सीमित है?
