शाजापुर; कलेक्टर के अचानक पहुंचते ही अस्पताल में मचा हड़कंप, गंदगी और लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश Aajtak24 News

शाजापुर; कलेक्टर के अचानक पहुंचते ही अस्पताल में मचा हड़कंप, गंदगी और लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश Aajtak24 News

शाजापुर - जिला चिकित्सालय में शुक्रवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब कलेक्टर ऋजु बाफना अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गईं। कलेक्टर ने डॉ. भीमराव अंबेडकर जिला चिकित्सालय और मातृ-शिशु चिकित्सालय का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कई व्यवस्थाओं में लापरवाही सामने आई, जिस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने महिला वार्ड, बच्चा वार्ड, शिशु वार्ड, एनआरसी, इमरजेंसी, पैथोलॉजी लैब, ऑपरेशन थिएटर, पोस्ट नेटल वार्ड, पीआईसीयू और स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट सहित कई विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से सीधे चर्चा कर उपचार, भोजन और सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण में अस्पताल परिसर और महिला प्रसाधनों में गंदगी मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सफाई ठेकेदार पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। वहीं आरओ मशीन बंद पाए जाने पर संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा गया।

कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को पर्याप्त भोजन और नाश्ते में फल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। गर्मी को देखते हुए सभी वार्डों में नए और अच्छी गुणवत्ता वाले कूलर लगाने को भी कहा गया। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि मरीजों की बेडशीट प्रतिदिन बदली जाए और पुरानी बेडशीट को राइट-ऑफ कर नई खरीदी जाए। मेटरनिटी विंग के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रसव पूर्व और प्रसव पश्चात वार्डों में भर्ती महिलाओं से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि मैटरनिटी वार्ड में 24 घंटे डॉक्टर उपलब्ध रहें और यहां काउंसलर की भी व्यवस्था की जाए।निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन बिना अनुमति अनुपस्थित मिले। इस पर कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी कर उनका एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। वहीं निर्माणाधीन नेत्र विभाग का कार्य समय पर पूरा नहीं होने पर संबंधित ठेकेदार को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने प्रयोगशाला में जांच प्रक्रियाओं की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की गलती नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पैथोलॉजिस्ट को जांच रिपोर्टों का रेंडम चेक करने को कहा। एनआरसी वार्ड में भर्ती कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण आहार की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बच्चों को तय पोषण चार्ट के अनुसार भोजन दिया जाए। साथ ही एनआरसी वार्ड को नए भवन में स्थानांतरित करने और वहां स्मार्ट टीवी लगाने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ डॉ. कमला आर्य, आरएमओ सहित कई डॉक्टर और स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. अगर जिला अस्पताल में गंदगी, बंद RO मशीन और डॉक्टरों की अनुपस्थिति जैसी स्थिति थी, तो अब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई थी?
  2. सिविल सर्जन के बिना अनुमति अनुपस्थित रहने का मामला पहली बार सामने आया है या पहले भी ऐसी शिकायतें मिल चुकी हैं?
  3. मरीजों को पर्याप्त भोजन, साफ बेडशीट और 24×7 डॉक्टर उपलब्ध कराने के निर्देश पहले भी दिए गए थे, तो फिर व्यवस्थाएं लगातार खराब क्यों मिल रही हैं?

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