| महंगाई और स्मार्ट मीटर के खिलाफ बहुजन मुक्ति पार्टी का हल्लाबोल: कलेक्ट्रेट में लालटेन सौंपकर जताया विरोध Aajtak24 News |
सीहोर - केन्द्र सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों और आसमान छूती महंगाई के विरोध में बहुजन मुक्ति पार्टी (BMP) ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर देशव्यापी आंदोलन के तहत सीहोर जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष जितेन्द्र मालवीय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और बढ़ते बिजली बिलों व स्मार्ट मीटर के विरोध में प्रतीकात्मक रूप से प्रशासन को 'लालटेन' भेंट की।
स्मार्ट मीटर को बताया 'वोट चोरी की मशीन' जैसा षड्यंत्र
ज्ञापन का वाचन करते हुए जिलाध्यक्ष जितेन्द्र मालवीय ने गंभीर आरोप लगाए कि स्मार्ट मीटर पारदर्शी नहीं हैं और प्राइवेट कंपनियां इनका इस्तेमाल ईवीएम (EVM) की तरह गैर-कानूनी तरीके से कर रही हैं। पार्टी का दावा है कि ये मीटर 20 से 30 प्रतिशत अधिक तेज चल रहे हैं, जिससे बिजली बिलों में अंधाधुंध बढ़ोतरी हुई है।
स्मार्ट मीटर को लेकर प्रमुख आपत्तियां:
रोजगार पर संकट: मीटर रीडिंग की ऑटोमैटिक व्यवस्था से हजारों युवाओं का रोजगार छिन गया है।
यूनिट का खेल: सिम आधारित होने के कारण यूनिट्स को रिमोटली बढ़ाए जाने की आशंका।
माइनस बैलेंस पर तुरंत कटौती: मात्र 20 रुपये या उससे कम बैलेंस होने पर बिना सूचना बिजली काट दी जाती है।
बिना सप्लाई बिल: विद्युत कटौती के बावजूद उपभोक्ताओं पर भारी-भरकम बिल थोपे जा रहे हैं।
रसोई गैस और ईंधन की कीमतों पर गहरा रोष
आंदोलनकारियों ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें 1500 से 2000 रुपये और कमर्शियल गैस की कीमतें 3500 रुपये तक पहुँचने से आम आदमी की आर्थिक कमर टूट गई है।
कालाबाजारी का आरोप: गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें होने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहे, जबकि एजेंटों के माध्यम से इन्हें ब्लैक में बेचा जा रहा है।
ठप होते धंधे: कमर्शियल गैस की आपूर्ति और कीमतों के कारण होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर हैं, जिससे बेरोजगारी बढ़ रही है।
पेट्रोल-डीजल की मार: डीजल-पेट्रोल की कीमतों ने किसान, श्रमिक और युवाओं के बजट को बिगाड़ दिया है। 2026 तक कीमतों में और वृद्धि की आशंका को पार्टी ने एक बड़ा षड्यंत्र बताया।
बहुजन मुक्ति पार्टी की प्रमुख मांगें:
पारदर्शी मीटर: स्मार्ट मीटर हटाकर ऐसे पारदर्शी मीटर लगाए जाएं जो निजी कंपनियों के नियंत्रण में न हों।
पैसों की वापसी: बिना बिजली सप्लाई के जो बिल वसूले गए हैं, वह राशि उपभोक्ताओं को लौटाई जाए।
सस्ते ईंधन की मांग: घरेलू गैस सिलेंडर 400 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 700 रुपये में उपलब्ध कराया जाए।
राहत और मुआवजा: पेट्रोल की कीमत 90 रुपये और डीजल 80 रुपये प्रति लीटर की जाए। साथ ही, घाटे में चल रहे होटल-ढाबा मालिकों और वहां काम करने वाले श्रमिकों को मुआवजा दिया जाए।
आंदोलन की चेतावनी
जितेन्द्र मालवीय ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन तीन चरणों में देश के 625 जिलों में चलाया जा रहा है। जब तक जनता की इन समस्याओं का ठोस निराकरण नहीं होता, पार्टी कार्यकर्ता चैन से नहीं बैठेंगे और चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष जितेन्द्र मालवीय के साथ धूलसिंह धम्म (पूर्व इछावर विधानसभा प्रत्याशी), जनम सिंह परमार (प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय युवा मोर्चा), भवानी सिंह (जिलाध्यक्ष, नव चेतना समिति), बी.एस. भदोरिया (संभाग अध्यक्ष, भोपाल), हरिसिंह, लाड़सिंह कटारिया, फूल सिंह, लक्ष्मण मालवीय, दिनेश मेवाड़ा, मानसिंह, महेंद्र मालवीय, रोहित भदोरिया, परमिला, निर्मला, पूजा वर्मा, संजु पाटीदार, रोशनी गोंडाले और बड़ी संख्या में महिला व पुरुष कार्यकर्ता उपस्थित रहे।