| कांकेर; घर की बाड़ी में चल रही थी महुआ शराब की ‘फैक्ट्री’, उजियार अभियान में कांकेर पुलिस की दबिश Aajtak24 News |
कांकेर - जिले में चलाए जा रहे “उजियार अभियान” के तहत कांकेर पुलिस ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 20 लीटर देशी महुआ शराब और बिक्री रकम बरामद की है। पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध शराब और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक कुमार राखेचा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार साहू के मार्गदर्शन और एसडीओपी मो. मोहसिन खान के पर्यवेक्षण में थाना सिटी कोतवाली कांकेर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
17 मई 2026 को थाना प्रभारी प्रतीक दादासाहब बनसोडे को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम आतुरगांव में एक व्यक्ति अपने घर की बाड़ी में अवैध रूप से देशी महुआ शराब बनाकर बेच रहा है। सूचना मिलते ही महिला प्रधान आरक्षक सावित्री मरकाम के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर मौके पर रेड कार्रवाई की गई। दबिश के दौरान पुलिस ने आरोपी अंकालू चतुर्वेदी (65 वर्ष) निवासी आतुरगांव को अवैध शराब के साथ पकड़ा। पुलिस ने उसके कब्जे से 5-5 लीटर की चार जरकीनों में कुल 20 लीटर देशी महुआ शराब बरामद की, जिसकी कीमत लगभग 2000 रुपये बताई गई है। साथ ही बिक्री की 100 रुपये नगद रकम भी जब्त की गई। कुल मिलाकर 2100 रुपये का माल जप्त किया गया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना कांकेर में अपराध क्रमांक 163/2026 दर्ज कर धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में महिला प्रधान आरक्षक सावित्री मरकाम सहित पुलिस टीम के अन्य जवानों की अहम भूमिका रही। कांकेर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- गांवों में खुलेआम महुआ शराब बनाकर बिक्री की जा रही है, तो क्या आबकारी और पुलिस विभाग की नियमित निगरानी व्यवस्था प्रभावी नहीं है?
- छोटे स्तर के शराब विक्रेताओं पर कार्रवाई हो रही है, लेकिन क्या पुलिस उन बड़े नेटवर्क और सप्लाई चेन तक भी पहुंच पा रही है जो ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब कारोबार को बढ़ावा देते हैं?
- उजियार अभियान के बावजूद अवैध शराब का कारोबार लगातार सामने आ रहा है — क्या यह माना जाए कि अभियान का जमीनी असर अभी सीमित है?