| सुकमा; फाइलों से लेकर फरियाद तक… कलेक्टर का साफ संदेश—काम दिखना चाहिए, सिर्फ कागज नहीं Aajtak24 News |
सुकमा - जिला प्रशासन की प्राथमिक योजनाओं, जन शिकायतों और लंबित मामलों की प्रगति को लेकर मंगलवार को कलेक्टरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री अमित कुमार ने की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जनगणना के तहत चल रहे मकान सूचीकरण कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही सीएम जनदर्शन, पीजी पोर्टल, कलेक्टर जनदर्शन, जन चौपाल और जन शिकायतों की विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यालयों में ई-ऑफिस व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए और सभी फाइलों का संचालन अधिकतम रूप से ऑनलाइन माध्यम से किया जाए।
सुशासन तिहार के आवेदनों पर विशेष फोकस
बैठक में सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों और शिकायतों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि केवल निपटान के आंकड़े नहीं, बल्कि आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित एसडीएम को इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
निर्माण कार्य, आवास और मूलभूत सुविधाओं पर जोर
बैठक में जनपद पंचायतवार स्वीकृत निर्माण कार्यों और ग्राम पंचायत स्तर के प्रस्तावित आरआरसी प्रकरणों की समीक्षा की गई। लंबित वसूली कार्यों को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा पीएम आवास, जनमन योजना के तहत स्वीकृत आंगनबाड़ी कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने दूरस्थ और पहुंचविहीन बसाहटों में हैंडपंप और बोरवेल कार्य प्राथमिकता से कराने तथा मानसून से पहले सभी हैंडपंप चालू स्थिति में रखने के निर्देश दिए।
बैठक में आयुष्मान कार्ड, मनरेगा, आधार और स्वीकृत पेंशन प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को लंबित मामलों को तय समय में पूर्ण कर पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. सुशासन तिहार में प्राप्त कुल आवेदनों में अब तक कितने मामलों का वास्तविक समाधान हुआ और कितने केवल कागजी निराकरण की श्रेणी में हैं?
2. ई-ऑफिस लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जिले के कितने कार्यालय अभी भी पूरी तरह डिजिटल प्रणाली पर नहीं पहुंचे हैं और उसकी समयसीमा क्या है?
3. मानसून से पहले सभी हैंडपंप चालू करने का लक्ष्य रखा गया है—क्या प्रशासन ने खराब हैंडपंपों की वास्तविक संख्या और बजट का सार्वजनिक आकलन किया है?