झाबुआ; पेट्रोल खत्म होने की अफवाह नहीं चलेगी: कलेक्टर की दो टूक—स्टॉक पूरा, नियम तोड़े तो कार्रवाई तय Aajtak24 News

झाबुआ; पेट्रोल खत्म होने की अफवाह नहीं चलेगी: कलेक्टर की दो टूक—स्टॉक पूरा, नियम तोड़े तो कार्रवाई तय Aajtak24 News

झाबुआ - जिले में ईंधन आपूर्ति को लेकर किसी भी तरह की अफवाह, अव्यवस्था या कृत्रिम संकट की स्थिति को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त संदेश दिया है। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों की बैठक लेकर पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता, सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 77 पेट्रोल पंप संचालित हैं और वर्तमान में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले में ईंधन संकट जैसी कोई स्थिति नहीं है, इसलिए अनावश्यक घबराहट या पैनिक माहौल बनने नहीं दिया जाएगा।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने पेट्रोल पंप संचालकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और आवश्यकताएं भी जानीं। साथ ही निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में पेट्रोल और डीजल की बिक्री बोतल या ड्रम में न की जाए, ताकि अनधिकृत भंडारण और संभावित सुरक्षा जोखिमों को रोका जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई। सभी पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी व्यवस्था मजबूत रखने, अग्नि सुरक्षा उपकरणों को हमेशा कार्यशील स्थिति में रखने और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों का नियमित निरीक्षण करने को कहा। साथ ही यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी स्थान से पेट्रोल पंप ड्राई होने या ईंधन उपलब्ध न होने की शिकायत आती है तो तत्काल मौके पर कार्रवाई कर वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी जाए। प्रशासन का यह कदम केवल ईंधन उपलब्धता सुनिश्चित करने तक सीमित नहीं दिखा, बल्कि इसका उद्देश्य अफवाहों, जमाखोरी और अव्यवस्था की संभावनाओं को भी समय रहते नियंत्रित करना है। अब देखने वाली बात यह होगी कि निरीक्षण और निर्देशों के बाद क्या जमीनी स्तर पर निगरानी भी उतनी ही सक्रिय दिखाई देती है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जब जिले में ईंधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, तो पेट्रोल पंप ड्राई होने की शिकायतों की आशंका क्यों जताई गई—क्या सप्लाई और वितरण व्यवस्था में कोई अंदरूनी चुनौती है?
  2. बोतल और ड्रम में ईंधन बिक्री पर रोक पहले से लागू है, फिर इसे दोबारा सख्ती से दोहराने की जरूरत क्यों पड़ी—क्या नियमों का पालन नहीं हो रहा था?
  3. पेट्रोल पंपों के नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन क्या पिछले निरीक्षणों में मिली कमियों और उन पर हुई कार्रवाई का कोई सार्वजनिक रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाएगा?

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