सुकमा; जनजातीय गरिमा उत्सव के नाम पर शुरू हुआ बड़ा अभियान, प्रशासन ने तय किए शिविर Aajtak24 News

सुकमा; जनजातीय गरिमा उत्सव के नाम पर शुरू हुआ बड़ा अभियान, प्रशासन ने तय किए शिविर Aajtak24 News

सुकमा - जिले में जनजातीय समाज को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने और दूरस्थ क्षेत्रों तक प्रशासनिक पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से एक बड़े अभियान की शुरुआत की गई है। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देश पर जिले में ‘जनजातीय गरिमा उत्सव जन भागीदारी अभियान’ शुरू किया गया है। यह अभियान सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि उन क्षेत्रों तक शासन की मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश बताया जा रहा है, जहां अक्सर योजनाओं की पहुंच और क्रियान्वयन पर सवाल उठते रहे हैं।

अभियान की थीम “जन भागीदारी—सबसे दूर, सबसे पहले” रखी गई है। इसके तहत सुकमा जिले के 277 धरती आबा ग्राम एवं पीएम जनमन ग्रामों में 18 मई से 25 मई तक विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिला कलेक्टर श्री अमित कुमार ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर अभियान की तैयारियों और क्रियान्वयन की समीक्षा की तथा स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी गतिविधियां तय समयसीमा में जमीनी स्तर पर दिखाई दें।

अभियान के अंतर्गत ग्राम स्तर पर संतृप्तिकरण शिविर, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, जनसुनवाई कार्यक्रम, जागरूकता अभियान, ट्रांसेक्ट वॉक और जनजातीय गरिमा उत्सव आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन का दावा है कि इन गतिविधियों के जरिए न केवल योजनाओं की जानकारी दी जाएगी बल्कि लोगों की समस्याओं को मौके पर सुनकर समाधान की दिशा में भी कार्रवाई होगी।

बैठक में यह भी तय किया गया कि अभियान को सिर्फ कागजी उपलब्धि तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसके लिए डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू की गई है। प्रत्येक गतिविधि की दैनिक प्रगति रिपोर्ट ‘प्रसारण पोर्टल’ पर अपलोड की जाएगी और प्रत्येक स्थल से प्रतिदिन कम से कम 5 फोटोग्राफ अपलोड करना अनिवार्य होगा। अधिकारियों को डेट-वाइज रिपोर्टिंग करने और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का मानना है कि यह अभियान जनजातीय क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के प्रति भरोसा बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत करने और स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि इसकी वास्तविक सफलता अब इस बात पर निर्भर करेगी कि तय कार्यक्रम गांवों तक कितनी गंभीरता और प्रभाव के साथ पहुंचते हैं।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. 277 गांवों में अभियान चलाने की घोषणा की गई है, लेकिन क्या प्रशासन ने कोई सार्वजनिक मूल्यांकन प्रणाली बनाई है जिससे अभियान खत्म होने के बाद गांववार बताया जा सके कि वास्तव में कितने लोगों को स्थायी लाभ मिला?

2. प्रतिदिन फोटो अपलोड और डिजिटल मॉनिटरिंग पर जोर दिया गया है—क्या इससे वास्तविक समस्या समाधान होगा या फिर अधिकारियों पर केवल रिपोर्टिंग आधारित उपलब्धियां दिखाने का दबाव बढ़ेगा?

3. जिन धरती आबा और पीएम जनमन ग्रामों में वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की चुनौतियां बनी हुई हैं, वहां इस 8 दिन के अभियान के बाद कौन-सा ऐसा मापदंड होगा जिससे जनता महसूस कर सके कि स्थिति वास्तव में बदली है?

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