नर्मदापुरम; पंचायत में मिलेगा समाधान! नर्मदापुरम में आदिवासी हितग्राहियों तक योजनाएं पहुंचाने का बड़ा अभियान शुरू Aajtak24 News

नर्मदापुरम; पंचायत में मिलेगा समाधान! नर्मदापुरम में आदिवासी हितग्राहियों तक योजनाएं पहुंचाने का बड़ा अभियान शुरू Aajtak24 News

नर्मदापुरम - जनजातीय समुदायों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने और लंबित मामलों को मौके पर हल करने के उद्देश्य से जिले में बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया गया है। नर्मदापुरम में कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने “जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 जन भागीदारी अभियान” का शुभारंभ किया। यह अभियान प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य दूरस्थ जनजातीय परिवारों तक शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है।

कलेक्टर ने बताया कि “जन भागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले” थीम पर आयोजित इस अभियान का उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदायों तक योजनाओं की अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करना है। प्रशासन का दावा है कि पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ देकर योजनाओं का सैचुरेशन हासिल किया जाएगा। अभियान के तहत 23 मई तक जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष जनसुनवाई शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों की अध्यक्षता संबंधित एसडीएम करेंगे और मौके पर ही विभिन्न समस्याओं का समाधान किया जाएगा। शिविरों में जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाता, वनाधिकार पट्टा और राजस्व संबंधी प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा ताकि लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

इस अभियान की खास बात यह है कि इसमें केवल एक या दो नहीं बल्कि 18 विभागों की संयुक्त भागीदारी सुनिश्चित की गई है। राजस्व, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, खाद्य, पंचायत, कृषि, पशुपालन, बैंक और बीएसएनएल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शिविरों में मौजूद रहेंगे और पात्र हितग्राहियों को मौके पर योजनाओं से जोड़ेंगे। प्रशासन ने इस अभियान की निगरानी व्यवस्था को भी सख्त बनाया है। हर गतिविधि की जियो टैग फोटो और वीडियो भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे और 29 मई से पहले पूरी प्रगति रिपोर्ट भेजी जाएगी। प्रशासन का दावा है कि अभियान की मॉनिटरिंग पीएमओ स्तर तक की जा रही है।

अभियान के तहत सभी विकासखंडों में लंबित प्रकरणों को शून्य करने और योजनाओं का शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए संबंधित एसडीएम और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। प्रशासन ने पात्र हितग्राहियों से अपील की है कि वे 21 से 23 मई के बीच अपने नजदीकी पंचायत भवन में आधार कार्ड, समग्र आईडी और जरूरी दस्तावेज लेकर पहुंचें और योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. हर साल शिविर और अभियान आयोजित किए जाते हैं, फिर भी बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार योजनाओं से वंचित क्यों रह जाते हैं? क्या पहले के अभियानों का कोई सामाजिक ऑडिट हुआ?
  2. अभियान में ‘शत-प्रतिशत सैचुरेशन’ का लक्ष्य रखा गया है, तो क्या प्रशासन यह सार्वजनिक करेगा कि अभी जिले में कितने पात्र हितग्राही योजनाओं से बाहर हैं?
  3. जियो टैगिंग और पीएमओ मॉनिटरिंग की बात हो रही है, लेकिन क्या लाभार्थियों को वास्तविक लाभ मिलेगा या यह अभियान केवल लक्ष्य और रिपोर्ट तक सीमित रह जाएगा?

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