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| शहडोल; खेत से मंडी तक निगरानी: एसडीएम खुद पहुंचीं उपार्जन केंद्र Aajtak24 News |
शहडोल - रबी उपार्जन सीजन के बीच प्रशासन अब केवल कागजी समीक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहता। इसी कड़ी में जयसिंहनगर की अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सुश्री काजोल सिंह ने उपार्जन केंद्र जयसिंहनगर और अमझोर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गेहूं की गुणवत्ता से लेकर तौल प्रक्रिया, भंडारण व्यवस्था और किसानों को दी जा रही सुविधाओं तक हर पहलू की जांच की गई।
एसडीएम ने केंद्रों पर मौजूद किसानों से सीधे बातचीत कर यह जानने की कोशिश की कि उन्हें उपार्जन प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही। किसानों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर केंद्र संचालन की स्थिति को भी परखा गया।
गुणवत्ता से समझौता नहीं, तौल में पारदर्शिता जरूरी
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने केंद्र प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही गुणवत्तायुक्त गेहूं का उपार्जन किया जाए। साथ ही तौल प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से संचालित करने पर जोर दिया गया, ताकि किसानों को अनावश्यक इंतजार या विवाद की स्थिति का सामना न करना पड़े।
किसानों की सुविधा भी प्राथमिकता
निरीक्षण के दौरान किसानों के लिए उपलब्ध छाया, पेयजल और बैठने की व्यवस्था का भी अवलोकन किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गर्मी को देखते हुए केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं लगातार उपलब्ध रहें और किसी भी किसान को असुविधा न हो।
लापरवाही पर चेतावनी
एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट किया कि उपार्जन कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। केंद्रों की व्यवस्था सुचारु बनाए रखने और किसानों को समय पर सेवा देने के निर्देश दिए गए।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. निरीक्षण के दौरान क्या किसी उपार्जन केंद्र में तौल, गुणवत्ता या भंडारण से जुड़ी कोई गड़बड़ी सामने आई, और उस पर क्या कार्रवाई हुई?
2. किसानों से सीधे फीडबैक लिया गया—क्या उनकी शिकायतों को दर्ज कर समाधान की कोई समयसीमा तय की गई है?
3. उपार्जन केंद्रों में गर्मी और भीड़ को देखते हुए स्थायी सुविधाएं बढ़ाने की क्या योजना है, या हर सीजन में अस्थायी इंतजाम ही किए जाएंगे?
