अनूपपुर; फाइलों में फंसे राजस्व प्रकरणों पर कलेक्टर का एक्शन मोड, एसडीएम कार्यालय में खुलीं व्यवस्था की परतें Aajtak24 News

अनूपपुर; फाइलों में फंसे राजस्व प्रकरणों पर कलेक्टर का एक्शन मोड, एसडीएम कार्यालय में खुलीं व्यवस्था की परतें Aajtak24 News

अनूपपुर - जिले में राजस्व और लोक सेवा से जुड़े मामलों के समयबद्ध निराकरण को लेकर प्रशासन अब सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर हर्षल पंचोली ने बुधवार को अनूपपुर स्थित एसडीएम कार्यालय का निरीक्षण कर लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की और अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि नागरिकों से जुड़े मामलों में देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सीमांकन, नामांतरण, नक्शा तरमीम सहित अन्य लंबित राजस्व प्रकरणों की स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित मामलों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण समाधान तय समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

लोक सेवा केंद्र के माध्यम से प्राप्त जाति प्रमाण पत्र और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र संबंधी आवेदनों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र आवेदनों को बिना अनावश्यक विलंब के निपटाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल औपचारिक कारणों के आधार पर आवेदनों को निरस्त करने की प्रवृत्ति से बचा जाए और पात्र हितग्राहियों को समय पर सेवाओं का लाभ मिले।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रकरणों की सेट नंबरिंग, पंजीयन क्रमांक और संबंधित अभिलेखों का भी परीक्षण किया। उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड के व्यवस्थित रखरखाव, पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम कमलेश पुरी, डिप्टी कलेक्टर प्राशी अग्रवाल, अधीक्षक भू-अभिलेख प्रदीप कुमार मोगरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का कहना है कि अभियान आधारित कार्रवाई से लंबित मामलों के निराकरण में तेजी लाई जाएगी।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. यदि राजस्व प्रकरणों के लिए अब विशेष अभियान चलाने की जरूरत पड़ रही है, तो क्या यह माना जाए कि पहले की कार्यप्रणाली प्रभावी नहीं थी और लंबित मामलों की जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होगी?

2. जाति और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्रों को अनावश्यक रूप से निरस्त नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं— क्या प्रशासन के पास ऐसे मामलों का कोई डेटा है जिनमें पात्र आवेदकों को पहले अस्वीकार किया गया?

3. समीक्षा और निरीक्षण के बाद क्या प्रशासन लंबित राजस्व प्रकरणों की संख्या, उनकी समय-सीमा और निराकरण की प्रगति सार्वजनिक पोर्टल या रिपोर्ट के माध्यम से जारी करेगा, ताकि जवाबदेही तय हो सके?

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