सिंगरौली; तीन दिन में किसानों के खाते में पैसा पहुंचाओ, नहीं तो जवाब देना होगा! कलेक्टर का सख्त अल्टीमेटम Aajtak24 News

सिंगरौली; तीन दिन में किसानों के खाते में पैसा पहुंचाओ, नहीं तो जवाब देना होगा! कलेक्टर का सख्त अल्टीमेटम Aajtak24 News

सिंगरौली - जिले में किसानों के भुगतान, दूरस्थ गांवों में बिजली, जर्जर स्कूल भवनों और लंबित शिकायतों को लेकर प्रशासन अब सख्त कार्रवाई के मूड में दिखाई दे रहा है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर गौरव बैनल ने विभिन्न विभागों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को साफ चेतावनी दी कि जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सबसे अहम निर्देश गेहूं उपार्जन से जुड़े मामलों को लेकर दिए गए। कलेक्टर ने जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी को स्पष्ट रूप से पाबंद किया कि उपार्जन के बाद अधिकतम तीन दिवस के भीतर किसानों के खातों में भुगतान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और भुगतान में देरी प्रशासन की प्राथमिकता पर सवाल खड़े करती है।

दूरस्थ मजरे-टोलों में बिजली पहुंचाने को लेकर भी प्रशासन ने बड़ा कदम उठाने के संकेत दिए। कलेक्टर ने विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि ऐसे सभी क्षेत्रों का सर्वे किया जाए जहां कम से कम पांच घर बसे हों और वहां विद्युतीकरण के प्रस्ताव तैयार कर तत्काल प्रस्तुत किए जाएं। इससे उन गांवों और टोलों में उम्मीद जगी है जहां आज भी लोग अंधेरे में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी बैठक में गंभीर चिंता जताई गई। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का सघन सर्वे कर जर्जर भवनों को चिन्हित किया जाए। अत्यधिक खराब स्थिति वाले भवनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने और सभी संस्थानों में सुरक्षा के लिहाज से बाउंड्री वॉल निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान गर्भवती महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ सुनिश्चित करने और सुदूर क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन से टीबी स्क्रीनिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। वहीं आंगनबाड़ियों में बच्चों को दिए जाने वाले नाश्ते की गुणवत्ता पर भी निगरानी रखने को कहा गया। सीएम हेल्पलाइन में लंबित मामलों को लेकर कलेक्टर का कड़ा रुख सामने आया। उन्होंने कहा कि विभाग शिकायतों के निराकरण में रुचि नहीं ले रहे, जिसके कारण जिले की ग्रेडिंग प्रभावित हो रही है। सभी विभागों को दो दिवस के भीतर संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही राजस्व अधिकारियों को स्वामित्व योजना, सीमांकन और अन्य लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के आदेश दिए गए।

बैठक के अंत में खाद्य सुरक्षा की समीक्षा के दौरान एसडीएम सिंगरौली और खाद्य सुरक्षा अधिकारी को संयुक्त रूप से बाजारों में डेयरी उत्पाद और मावा के सैंपल लेने के निर्देश दिए गए, ताकि मिलावटखोरी पर रोक लगाई जा सके। बैठक में अपर कलेक्टर पी.एस. त्रिपाठी, नगर निगम कमिश्नर सविता प्रधान सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. तीन दिन में किसानों को भुगतान का निर्देश हर साल दिया जाता है, लेकिन क्या प्रशासन यह बताएगा कि पिछले सीजन में कितने किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिला था?
  2. जिले में अब भी कई मजरे-टोले बिजली से वंचित हैं, तो क्या यह माना जाए कि वर्षों से ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रहीं?
  3. जर्जर स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों का अब सर्वे कराया जा रहा है, तो क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा था कि पहले यह कार्रवाई नहीं हुई?

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