| गौरेला-पेंड्रा; रेत माफिया से लेकर पेड़ कटाई तक… कलेक्टर का अल्टीमेटम: अब शिकायत नहीं, सीधी कार्रवाई होगी Aajtak24 News |
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही - जिले में अवैध खनिज उत्खनन और पेड़ों की कटाई को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। साप्ताहिक समय-सीमा (टीएल) बैठक में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसी शिकायतों को सामान्य शिकायत मानकर लंबित न रखा जाए, बल्कि नियमानुसार तत्काल और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में जन शिकायतों और जनसमस्याओं की विभागवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिन मामलों का निराकरण हो चुका है, उन्हें टीएल सूची से तत्काल हटाया जाए ताकि लंबित मामलों पर प्रभावी निगरानी की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के समाधान में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि परिणाम दिखाई देना चाहिए।
उपार्जन कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने धान उठाव में देरी पर नाराजगी जताई। जिन समितियों में अभी भी धान उठाव शेष है, वहां खाद्य, सहकारिता और मार्कफेड विभाग को समन्वय बनाकर तीन दिनों के भीतर शत-प्रतिशत धान उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का मानना है कि समय पर उठाव नहीं होने से भंडारण और भुगतान व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। बैठक में बिजली व्यवस्था और आपदा राहत पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने जिले में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आकाशीय बिजली की घटना में राजमेढ़गढ़ और ठाड़पथरा क्षेत्र में मृत हुए मवेशियों और बकरियों के प्रकरण तैयार कर प्रभावित हितग्राहियों को जल्द मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री जनमन योजना की समीक्षा में कलेक्टर ने निर्माणाधीन 244 पीएम आवासों को 30 जून तक पूर्ण करने तथा अब तक शुरू नहीं हुए 12 आवासों का कार्य तत्काल प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखाई देना चाहिए। राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान तहसीलदारों को नियमित रूप से न्यायालय में बैठकर लंबित मामलों की सुनवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया। खरीफ सीजन की तैयारी को लेकर प्रशासन ने खाद-बीज भंडारण, वितरण, पीएम किसान सम्मान निधि योजना में ई-केवाईसी तथा सभी किसानों के एग्रीस्टैक पंजीयन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति बढ़ाने, वन विभाग में लंबित मजदूरी भुगतान, सेवा निवृत्ति से छह माह पहले पेंशन प्रकरण तैयार करने तथा श्रम एवं उद्योग विभाग को श्रमिक हितों से जुड़े मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि लंबित मामलों और जन शिकायतों पर अब नियमित निगरानी होगी और लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. अवैध खनिज उत्खनन और पेड़ कटाई की शिकायतों में पिछले छह महीनों में कितने मामलों में वास्तविक एफआईआर या दंडात्मक कार्रवाई हुई और उसका परिणाम क्या रहा?
2. जिन समितियों में धान उठाव अब तक लंबित है, वहां देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों या एजेंसियों पर क्या जवाबदेही तय की गई है?
3. पीएम जनमन और पीएम आवास योजना में निर्माणाधीन और अप्रारंभ आवासों की देरी के लिए क्या किसी एजेंसी या अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है?