सुकमा; लापरवाही नहीं, अब हर योजना का असर जमीन पर दिखे” – कलेक्टर अमित कुमार की सख्त समीक्षा बैठक Aajtak24 News

सुकमा; लापरवाही नहीं, अब हर योजना का असर जमीन पर दिखे” – कलेक्टर अमित कुमार की सख्त समीक्षा बैठक Aajtak24 News

सुकमा - जिले में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्री अमित कुमार ने राज्य एवं केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेही के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने साफ कहा कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

निर्माण कार्यों पर सख्त निगरानी

बैठक में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और जगरगुंडा क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—

  • कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित की जाए
  • प्रगति में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं होगी

स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर

“स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि—

  • हितग्राहियों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया तेज की जाए
  • मोतियाबिंद ऑपरेशन की संख्या बढ़ाई जाए
  • दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं

विभागवार योजनाओं की समीक्षा

बैठक में स्वास्थ्य, राजस्व, खाद्य, PHE, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, शिक्षा, समाज कल्याण, कृषि और वन विभाग सहित कई विभागों की समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने कहा कि—

  • जो विभाग लक्ष्य से पीछे हैं, वे तुरंत गति बढ़ाएं
  • योजनाओं का लाभ पात्र नागरिकों तक समय पर पहुंचे

सुशासन तिहार और बस्तर मुन्ने पर फोकस

कलेक्टर ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि—

  • जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध कराए जाएं
  • एग्रीस्टेक पंजीयन, मनरेगा रोजगार, आधार अपडेट तेज किए जाएं
  • आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड और महतारी वंदन योजना में ई-केवाईसी पूरी की जाए

“जनता तक सीधा लाभ पहुंचाना प्राथमिकता”

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सुशासन तिहार में प्राप्त सभी आवेदनों का त्वरित और प्रभावी निराकरण किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जिन विभागों की प्रगति लक्ष्य से पीछे है, उनके खिलाफ अब तक क्या कोई जवाबदेही तय की गई है या सिर्फ निर्देशों तक ही कार्रवाई सीमित है?
  2. दूरस्थ अंचलों में योजनाओं के लाभ पहुंचाने के लिए क्या कोई स्थायी मॉनिटरिंग सिस्टम है या फिर हर बार केवल समीक्षा बैठकों पर निर्भरता रहती है?
  3. सुशासन तिहार में आने वाले आवेदनों के “त्वरित निराकरण” की वास्तविक समयसीमा क्या है और क्या इसका सार्वजनिक ट्रैकिंग सिस्टम उपलब्ध है?

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