| दुर्ग; 81 आवेदन, 5 मौके पर निपटे: जामुल के समाधान शिविर में राहत ज्यादा दिखी या सवाल? Aajtak24 News |
दुर्ग - सुशासन तिहार–2026 के तहत दुर्ग जिले के नगर पालिका जामुल के वार्ड क्रमांक 13 स्थित मंगल भवन में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद देखने को मिला। शिविर में वार्ड क्रमांक 08, 12, 13, 14 और 15 के नागरिकों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर अपनी समस्याएं और मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। शिविर के दौरान कुल 81 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 5 शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया गया। शेष आवेदनों पर विभागीय प्रक्रिया के तहत आगे कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने शिविर को सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बताया।
शिविर में केवल शिकायतें सुनने तक सीमित न रहकर विभिन्न विभागों ने मौके पर सेवाएं भी उपलब्ध कराईं। परिवहन विभाग ने 55 आवेदकों को तत्काल लर्निंग लाइसेंस जारी किए, जबकि स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सेवाओं में 7 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए और 18 लोगों का आधार अपडेट किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने शिविर के दौरान 67 नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाइयों का वितरण किया। वहीं खाद्य विभाग की ओर से 6 आवेदकों को राशन कार्ड उपलब्ध कराए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 3 हितग्राहियों को भवन अनुज्ञा प्रदान की गई।
सामाजिक समावेशन की दिशा में शिविर के दौरान एक दिव्यांग हितग्राही को ट्राई साइकिल भी वितरित की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग ने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई रस्म कर पोषण संबंधी सामग्री और जानकारी उपलब्ध कराई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी रही। हालांकि अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि शिविर में प्राप्त बाकी आवेदनों का समाधान कितनी गति और पारदर्शिता से किया जाता है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. शिविर में 81 आवेदन आए लेकिन मौके पर केवल 5 का समाधान हुआ—क्या शेष आवेदनों के निपटारे की कोई सार्वजनिक समयसीमा तय की गई है?
2. लर्निंग लाइसेंस और दस्तावेजी सेवाएं मौके पर दी गईं, लेकिन नागरिकों की मूल समस्याओं के समाधान की निगरानी कैसे की जाएगी?
3. क्या ऐसे शिविरों के बाद यह मूल्यांकन किया जाता है कि जिन लोगों को लाभ दिया गया, उन्हें वास्तव में स्थायी सुविधा मिली या नहीं?