कांकेर पुलिस की महिला रक्षा टीम ने 80 बच्चों को बताया— हेलमेट, गुड टच-बैड टच और बाल सुरक्षा का महत्व

कांकेर पुलिस की महिला रक्षा टीम ने 80 बच्चों को बताया— हेलमेट, गुड टच-बैड टच और बाल सुरक्षा का महत्व

कांकेर - कांकेर पुलिस ने बच्चों में सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से “नन्हे सितारे फंड एंड लर्न समर कैंप” में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में लगभग 80 बच्चों को सड़क सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा और सामाजिक जोखिमों से बचाव की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का आयोजन निखिल राखेचा के निर्देशन में तथा पुलिस अधिकारियों के पर्यवेक्षण में किया गया। इसमें यातायात शाखा और महिला रक्षा टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

बच्चों को बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए हेलमेट पहनना कितना जरूरी है और यातायात नियमों का पालन क्यों अनिवार्य है। साथ ही महिला रक्षा टीम ने “गुड टच और बैड टच” पर विस्तार से जानकारी देते हुए बच्चों को किसी भी असहज स्थिति में तुरंत परिवार या पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में बाल अपराध, बाल श्रम और मानव तस्करी जैसे गंभीर विषयों पर भी जागरूकता फैलाई गई, ताकि बच्चे अपने आसपास की परिस्थितियों को समझकर सुरक्षित रह सकें। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें सुरक्षित समाज की दिशा में तैयार करना है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने भी सवाल पूछे और सक्रिय रूप से भाग लिया।

पुलिस की अपील

कांकेर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करें, नशे से दूर रहें और यातायात नियमों का पालन करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस हेल्पलाइन नंबर 9479155125 और महिला हेल्पलाइन 9479155925 पर दी जा सकती है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. क्या ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के बाद स्कूलों और ग्रामीण क्षेत्रों में बाल सुरक्षा को लेकर कोई फॉलो-अप मैकेनिज्म भी लागू किया जाता है या यह केवल एक-दिवसीय कार्यक्रम बनकर रह जाता है?
  2. बाल अपराध, बाल श्रम और मानव तस्करी जैसे गंभीर मुद्दों पर बच्चों को जागरूक किया जा रहा है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इन अपराधों की वास्तविक रोकथाम के लिए पुलिस के पास कौन सा ठोस डाटा और कार्रवाई योजना है?
  3. हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध हैं, लेकिन क्या पुलिस के पास यह मॉनिटरिंग सिस्टम है कि कितनी शिकायतों पर वास्तविक समय में कार्रवाई होती है और कितनी शिकायतें लंबित रह जाती हैं?

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