| बलौदाबाजार; लवन पुलिस की घेराबंदी में 10 किलो से ज्यादा गांजा जब्त, बाइक और मोबाइल भी कब्जे में |
बलौदाबाजार - थाना लवन पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध गांजा तस्करी और बिक्री में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10.204 किलोग्राम गांजा, पल्सर मोटरसाइकिल और दो मोबाइल जब्त किए हैं। जब्त गांजे की बाजार कीमत करीब एक लाख रुपए बताई जा रही है। ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में जिलेभर में अवैध शराब, जुआ-सट्टा और मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना लवन पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक पल्सर बाइक से गांजा लेकर मेन रोड लवन क्षेत्र में ग्राहक तलाश रहे हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की और संदिग्ध युवकों को रोककर पूछताछ की। तलाशी के दौरान दोनों आरोपियों के पिट्ठू बैग से गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर विधिवत तौल कराई, जिसमें कुल 10.204 किलो गांजा मिला। पुलिस के मुताबिक आरोपी गांजा की तस्करी और बिक्री के लिए बाइक का इस्तेमाल कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान तस्करी में प्रयुक्त पल्सर बाइक क्रमांक CG11 AX 9159 और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लखन वर्मा और मुकेश कुमार ध्रुव के रूप में हुई है। दोनों आरोपी ग्राम छांछी थाना कसडोल क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना लवन में अपराध क्रमांक 174/2026 के तहत धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है और पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि गांजा की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था।
लगातार बढ़ रही मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर पुलिस की यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से नशे का नेटवर्क सक्रिय है और बड़े सप्लायर अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- 10 किलो से ज्यादा गांजा लेकर आरोपी खुलेआम ग्राहक तलाश रहे थे, तो क्या इलाके में पहले से सक्रिय बड़े सप्लायरों और नेटवर्क पर पुलिस की निगरानी कमजोर है?
- पुलिस केवल छोटे तस्करों को पकड़ रही है या इस मामले में गांजा सप्लाई करने वाले मुख्य स्रोत और फाइनेंसर तक पहुंचने की भी ठोस रणनीति है?
- पिछले एक साल में जिले में एनडीपीएस एक्ट के कितने मामलों में आरोपियों को सजा हुई और कितने मामले अभी भी जांच या ट्रायल में लंबित हैं?