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| 'फार्मर आईडी' बिना अटक जाएगी पीएम किसान की किस्त; जिले के 7688 किसान अब भी कतार से बाहर Aajtak24 News |
कोरिया - भारत सरकार के निर्देशानुसार अब खेती-किसानी से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए 'फार्मर आईडी' अनिवार्य कर दी गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) के तहत अब केवल उन्हीं कृषकों के खातों में किस्तें भेजी जाएंगी, जिन्होंने एग्रीस्टेक पोर्टल पर अपनी फार्मर आईडी बनवा ली है। कोरिया जिले में हजारों किसान अब भी इस प्रक्रिया से दूर हैं, जिससे उन पर आर्थिक लाभ रुकने का खतरा मंडरा रहा है।
जिले की स्थिति: 7,688 किसान अभी भी अपंजीकृत
जिला कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कोरिया जिले में कुल 33,447 सक्रिय हितग्राही हैं। इनमें से 25,755 किसानों ने तो अपनी फार्मर आईडी का पंजीयन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, लेकिन 7,688 किसान अब भी इस प्रक्रिया से वंचित हैं। यदि इन किसानों ने समय रहते पोर्टल पर अपनी आईडी नहीं बनवाई, तो उन्हें आगामी किस्तों का भुगतान नहीं किया जा सकेगा।
सिर्फ पीएम किसान ही नहीं, इन 10 योजनाओं पर भी पड़ेगा असर
कृषि विभाग के उप संचालक ने स्पष्ट किया है कि यह आईडी केवल सम्मान निधि तक सीमित नहीं है। फार्मर आईडी न होने की स्थिति में किसान निम्नलिखित लाभों से भी हाथ धो सकते हैं:
धान विक्रय और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ।
बीज एवं उर्वरक की खरीदी पर मिलने वाला अनुदान।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)।
मृदा स्वास्थ्य (Soil Health) और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना।
एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और कृषि मशीनीकरण योजना।
मुख्यमंत्री किसान सहायता योजना।
पंजीयन की प्रक्रिया: घर बैठे या केंद्रों के माध्यम से
किसानों की सुविधा के लिए पंजीयन की प्रक्रिया को सरल रखा गया है। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज निम्नलिखित हैं:
भूमि संबंधी दस्तावेज: बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका।
व्यक्तिगत पहचान: आधार कार्ड और सक्रिय मोबाइल नंबर।
किसान स्वयं मोबाइल ऐप के माध्यम से अपना पंजीयन कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी ग्राहक सेवा केंद्र (CSC), आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों या संबंधित क्षेत्र के पटवारी के माध्यम से भी पंजीयन कराया जा सकता है।
कृषि विभाग की अपील: जल्द कराएं पंजीयन
कृषि विभाग ने जिले के समस्त किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए तत्काल एग्रीस्टेक पोर्टल पर अपना पंजीयन सुनिश्चित करें। विभाग का लक्ष्य शत-प्रतिशत किसानों को डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़ना है ताकि शासकीय योजनाओं का लाभ पारदर्शी और निर्बाध तरीके से उन तक पहुँच सके।
