| रायगढ़ पुलिस ने 72 घंटे में सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी, दो युवक और एक नाबालिग हिरासत में Aajtak24 News |
रायगढ़ - रायगढ़ पुलिस ने खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम गुरदा में हुए किशोर हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि शराब पार्टी के दौरान मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने 16 वर्षीय किशोर की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में शव को बरगद के पेड़ के नीचे रखकर मामले को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई। इस मामले का खुलासा शशि मोहन सिंह के निर्देशन में खरसिया पुलिस ने किया। पुलिस ने हत्या के आरोप में चन्द्रशेखर उर्फ चंदा डनसेना, रघुसिंह उर्फ रघुनाथ राठिया और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है।
घटना 24 मई 2026 की बताई जा रही है। मृतक किशोर को गांव का ऋषि डनसेना काम कराने के बहाने अपने साथ ले गया था। अगले दिन सुबह ग्राम गुरदा के डोगरमुड़ा खार स्थित बरगद के पेड़ के नीचे किशोर का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव पर गंभीर चोटों के निशान मिलने के बाद पुलिस ने हत्या की आशंका के आधार पर जांच शुरू की। मौके पर प्रभात पटेल, सीताराम ध्रुव, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड पहुंची। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की प्रकृति हत्यात्मक पाए जाने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।
विवेचना के दौरान पुलिस ने ऋषि डनसेना से पूछताछ की। उसने बताया कि वह मृतक को अपने साथियों के पास छोड़कर काम पर चला गया था। बाद में फोन करने पर उसे झगड़े और मारपीट की आवाज सुनाई दी। इसके बाद पुलिस ने संदेहियों को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की, जिसमें पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि सभी युवक खेत में बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान चखना के लिए आम तोड़कर लाने की बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने मिलकर किशोर की हाथ-मुक्कों से पिटाई कर दी। मारपीट के दौरान किशोर खेत की मेड़ से फिसलकर तालाब की ओर गिर पड़ा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपियों ने शव को उठाकर बरगद के पेड़ के नीचे रख दिया ताकि मामला दुर्घटना जैसा लगे। बाद में जब मृतक के बारे में पूछा गया तो झूठ बोलते हुए कहा गया कि वह घर चला गया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना से जुड़े कपड़े और अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं। मामले में हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराएं बढ़ाई गई हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गंभीर अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या इस मामले में केवल शराब पार्टी के दौरान हुआ विवाद ही वजह था, या पुलिस को पहले से चली आ रही किसी पुरानी रंजिश या अन्य कारण की भी आशंका है?
- ग्रामीण क्षेत्रों में नाबालिगों के शराब सेवन और अपराधों में शामिल होने की घटनाएं बढ़ रही हैं, क्या प्रशासन और पुलिस के पास इसे रोकने के लिए कोई ठोस रणनीति है?
- घटना के बाद आरोपियों ने शव छिपाकर दुर्घटना दिखाने की कोशिश की, तो क्या पुलिस को शुरुआती जांच में साक्ष्य मिटाने या स्थानीय स्तर पर किसी दबाव की भी जानकारी मिली है?