| दुर्ग पुलिस की 'सिक्सर' स्ट्राइक: आईपीएल सट्टेबाजी गिरोह का मास्टरमाइंड विकास जैन समेत 7 गिरफ्तार |
दुर्ग - आईपीएल 2026 के सीजन में जहां क्रिकेट प्रेमी खेल का आनंद ले रहे हैं, वहीं कुछ शातिर अपराधी इसे अवैध कमाई का जरिया बना रहे हैं। दुर्ग पुलिस ने सूचना के आधार पर ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले एक बड़े गिरोह पर सर्जिकल स्ट्राइक की है। 12 अप्रैल से शुरू हुए इस पुलिसिया एक्शन ने सट्टा बाजार में हड़कंप मचा दिया है। सिटी कोतवाली पुलिस और साइबर सेल (ACCU) ने मिलकर इस संगठित नेटवर्क की जड़ों को हिला दिया है।
ऋषभ नगर के 'कंट्रोल रूम' से खुला राज
इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत दुर्ग के ऋषभ नगर स्थित विकास जैन के घर से हुई। पुलिस को मुखबिर से पक्की सूचना मिली थी कि विकास जैन अपने घर से चेन्नई और दिल्ली के बीच चल रहे टी-20 मैच पर ऑनलाइन ऐप और मोबाइल फोन के जरिए हार-जीत का दांव लगवा रहा है। कोतवाली पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और मौके से विकास जैन समेत तीन लोगों को रंगे हाथों धर दबोचा। शुरुआती छापेमारी में पुलिस को विकास जैन (45), रौनक ताम्रकार (38) और प्रवीण ताम्रकार (20) के पास से मोबाइल फोन, सट्टे का हिसाब-किताब वाली पॉकेट डायरी और नगद बरामद हुए।
पूछताछ में खुले नए नाम, 4 और 'खिलाड़ी' ढेर
गिरफ्तार आरोपियों से पुलिसिया अंदाज में हुई कड़ी पूछताछ ने इस रैकेट की अगली कड़ियों का पर्दाफाश किया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनके तार शहर के अन्य इलाकों से भी जुड़े हैं। पुलिस ने विवेचना के दौरान मेमोरेंडम कथन के आधार पर दबिश दी और 4 नए आरोपियों—अक्षत बोहरे (39), मोहम्मद आदिल (35), मोहम्मद अय्युब (49) और प्रकाश सोनी (49)—को उनके ठिकानों से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे। इनका काम ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हैंडल करना और सट्टे की रकम का मिलान करना था।
जब्ती और कानूनी शिकंजा
दुर्ग पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई के दौरान अब तक जो सामग्री जब्त की है, उसका ब्यौरा इस प्रकार है:
08 नग विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन: जिनसे ऑनलाइन सट्टे का संचालन हो रहा था।
नगदी रकम: मौके से नगद 9,810/- रुपये बरामद।
सट्टा दस्तावेज: हिसाब-किताब वाली पॉकेट डायरी और ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड।
कुल जब्ती मूल्य: लगभग 89,810/- रुपये।
आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 4, 6 और 7 के साथ-साथ बीएनएस (BNS) की धारा 112(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
दुर्ग पुलिस की सख्त चेतावनी
इस सफल कार्रवाई में थाना सिटी कोतवाली और एसीसीयू टीम के अधिकारियों की सराहनीय भूमिका रही। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस तरह की अवैध गतिविधियों से दूर रहें। पुलिस ने साफ कर दिया है कि ऑनलाइन सट्टे के जरिए आर्थिक लाभ कमाने वालों और युवाओं को इस दलदल में धकेलने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी।