| दुर्ग; उर्स में उमड़ी भीड़, पुलिस ने चलाया ‘ऑपरेशन हथियार’… 7 धारदार हथियारों के साथ 7 आरोपी दबोचे Aajtak24 News |
दुर्ग - उर्स कार्यक्रम में भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था के बीच दुर्ग पुलिस ने बड़ा चेकिंग अभियान चलाकर अवैध धारदार हथियार लेकर घूम रहे 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 7 धारदार हथियार जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। मुस्लिम समाज द्वारा आयोजित उर्स कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से अलर्ट मोड पर था। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए थाना सिटी कोतवाली, मोहन नगर, पदमनाभपुर सहित कई थाना क्षेत्रों की संयुक्त पुलिस टीमों ने कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच शुरू की।
सघन चेकिंग अभियान के दौरान कई संदिग्ध युवकों को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में उनके कब्जे से अवैध धारदार हथियार बरामद हुए। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कुल 7 प्रकरण दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ आयुध अधिनियम और बीएनएस की धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है। थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने ऋषि यादव, तुषार अग्रवाल और शेखर नामदेव को गिरफ्तार किया। वहीं मोहन नगर थाना पुलिस ने मोहम्मद अबरार और एक विधि से संघर्षरत बालक के खिलाफ कार्रवाई की। थाना पदमनाभपुर पुलिस ने गुरप्रीत सिंह और विक्की गायकवाड को हथियारों के साथ पकड़ा।
पुलिस के अनुसार आरोपी भीड़भाड़ वाले इलाके में अवैध हथियार लेकर घूम रहे थे, जिससे आम लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बन सकता था। समय रहते की गई कार्रवाई से किसी बड़ी घटना की आशंका टल गई। इस अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सुखनंदन राठौर के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग तथा एसडीओपी पाटन के नेतृत्व में विभिन्न थाना और एसएएफ की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में शांति बनाए रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- उर्स जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में कई युवक धारदार हथियार लेकर पहुंच गए — क्या आयोजन स्थल के एंट्री पॉइंट्स पर पहले से पर्याप्त सुरक्षा जांच नहीं थी?
- क्या गिरफ्तार आरोपियों का किसी आपराधिक गिरोह या पूर्व विवाद से संबंध सामने आया है, या वे केवल दहशत फैलाने के उद्देश्य से हथियार लेकर पहुंचे थे?
- धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में लगातार हथियारबाजी के मामले सामने आ रहे हैं — क्या पुलिस ने ऐसे संवेदनशील आयोजनों के लिए कोई स्थायी इंटेलिजेंस और प्रिवेंटिव मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया है?