| रायपुर; रातभर चला ‘नशेड़ी ड्राइवरों’ का शिकंजा: रायपुर में एक ही रात में 63 वाहन चालक पकड़े गए Aajtak24 News |
रायपुर - राजधानी रायपुर में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ यातायात पुलिस ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। सड़क हादसों में कमी लाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “ड्रंक एंड ड्राइव” अभियान के तहत केवल 16 मई की रात में ही 63 नशेड़ी वाहन चालक पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इनमें कार, बाइक, ट्रक और मालवाहक वाहन चालक शामिल हैं। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत यातायात पुलिस लगातार विशेष चेकिंग अभियान चला रही है। पुलिस कमिश्नर और प्रभारी पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल के निर्देश पर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।
यातायात पुलिस के मुताबिक वर्ष 2026 में अब तक कुल 2978 वाहन चालकों के खिलाफ ड्रंक एंड ड्राइव की कार्रवाई की जा चुकी है। यह आंकड़ा इस बात की ओर इशारा करता है कि सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति लापरवाही अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। 16 मई की रात एसीपी यातायात सतीष ठाकुर के नेतृत्व में शहर के नौ प्रमुख चौक-चौराहों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। तेलीबांधा चौक, पचपेड़ी नाका, भट्ठागांव, टाटीबंध, कालीबाड़ी, जय स्तंभ, भनपुरी और पंडरी थाना क्षेत्र में पुलिस टीमों ने वाहनों की जांच की।
अभियान के दौरान कुल 63 वाहन चालकों को शराब के नशे में वाहन चलाते पकड़ा गया। इनमें 41 कार चालक, 10 बाइक चालक, 7 टाटा एस वाहन चालक, 2 मेटाडोर चालक और 3 ट्रक चालक शामिल हैं। सभी के खिलाफ चालानी कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यातायात पुलिस ने साफ किया है कि यह अभियान किसी आंकड़े या लक्ष्य के लिए नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम नागरिकों की जान बचाने के लिए चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शराब पीकर वाहन चलाना केवल कानूनी अपराध नहीं, बल्कि यह खुद और दूसरों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है।
पुलिस ने नागरिकों से हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने, स्पीड लिमिट का पालन करने और नाबालिगों को वाहन न देने की अपील भी की है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षित और अनुशासित यातायात संस्कृति विकसित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- अगर केवल एक रात में 63 और सालभर में 2978 लोग शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े गए, तो क्या यह नहीं दर्शाता कि सख्त कानून और चालान का डर अब असरदार नहीं रह गया है?
- ड्रंक एंड ड्राइव अभियान लगातार चल रहे हैं, फिर भी सड़क हादसों में अपेक्षित कमी क्यों नहीं आ रही? क्या कार्रवाई केवल चालान तक सीमित है?
- क्या रायपुर पुलिस ने ऐसे बार, क्लब और शराब दुकानों की भी निगरानी शुरू की है जहां से निकलने वाले लोग नशे में वाहन चलाते पाए जाते हैं, या पूरी जिम्मेदारी सिर्फ वाहन चालकों पर डाली जा रही है?