| रायपुर में नशे के काले साम्राज्य पर 'सर्जिकल स्ट्राइक': 5.65 करोड़ के मादक पदार्थ भट्टी में स्वाहा Aajtak24 News |
रायपुर: नशे के सौदागरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए रायपुर पुलिस ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला (IPS) के दिशा-निर्देशन में जिला स्तरीय औषधि निपटान समिति ने रायपुर के सेंट्रल जोन (मध्य जोन) के विभिन्न थानों में जब्त किए गए लगभग 5.65 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। सिलतरा स्थित M/S SMS Watergrace Enviroprotect Private Limited के परिसर में इस पूरी खेप को वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत भट्टी में जलाकर नष्ट किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में 'द एंड'
यह पूरी मेगा-कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) आईपीएस उमेश प्रसाद गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस संवेदनशील और गोपनीय ऑपरेशन के दौरान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) तारकेश्वर पटेल और जिला आबकारी अधिकारी राजेश कुमार शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। नशे की इस विशाल खेप को नष्ट करने से पहले बकायदा कोर्ट के निर्देशों के तहत भौतिक सत्यापन (Verification) किया गया था।
97 मुकदमों का माल... एक नजर में जब्ती का 'कच्चा चिट्ठा':
मध्य जोन के अलग-अलग थानों में दर्ज कुल 97 गंभीर प्रकरणों का माल आज पर्यावरण अनुकूल तरीके से नष्ट किया गया, जिसमें शामिल था:
गांजे का तगड़ा प्रहार: 65 मामलों में जब्त किया गया लगभग 494 किलोग्राम (करीब 5 क्विंटल) गांजा।
नशीली गोलियों का जाल: 22 मामलों में पकड़ी गई 11,964 नग प्रतिबंधित कैप्सूल और टेबलेट्स।
महंगी ड्रग्स पर वार: 05 मामलों की 11.217 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली चरस।
ब्राउन शुगर: 02 मामलों में जब्त 31.95 ग्राम ब्राउन शुगर।
पार्टी ड्रग्स (MDMA): 02 मामलों की 24.24 ग्राम घातक एमडीएमए ड्रग्स।
कोकेन: 01 मामले में पकड़ी गई 8.19 ग्राम बेहद महंगी कोकेन।
सुरक्षा, वीडियोग्राफी और पर्यावरणीय मापदंडों का पालन
करोड़ों रुपये की इस ड्रग्स को नष्ट करने से पहले पर्यावरण विभाग से बकायदा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गई थीं। ताकि इतनी बड़ी मात्रा में नशीली दवाओं को जलाने से स्थानीय पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे। इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसकी दस्तावेजीकरण और हाई-डेफिनिशन वीडियोग्राफी भी कराई गई, जिसे अदालत के रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा।
सिर्फ जेल नहीं, आर्थिक रीढ़ तोड़ने की बहुआयामी रणनीति
रायपुर पुलिस का यह एक्शन केवल अपराधियों को जेल भेजने तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस अब पीआईटी-एनडीपीएस (PIT-NDPS) एक्ट के तहत बड़े तस्करों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही, तस्करों की संपत्ति की वित्तीय जांच (Financial Investigation) की जा रही है, ताकि उनके पूरे आर्थिक तंत्र की रीढ़ ही तोड़ दी जाए। आज का समयबद्ध और पारदर्शी नष्टीकरण इसी 'थ्री-लेयर' रणनीति का तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रायपुर पुलिस का कड़ा संदेश
केंद्रीय और राज्य शासन की मंशा को स्पष्ट करते हुए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने साफ कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की धरती पर नशे का कारोबार करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। यह ऐतिहासिक नष्टीकरण रायपुर को एक सुरक्षित, स्वस्थ और पूरी तरह नशामुक्त समाज बनाने की दिशा में पुलिस का एक अटूट संकल्प है।