![]() |
| बुरहानपुर; जनसुनवाई में 55 फरियादें पहुँचीं… अब असली परीक्षा समाधान की, सिर्फ सुनवाई की नहीं Aajtak24 News |
बुरहानपुर - हर मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई एक बार फिर आम नागरिकों की उम्मीदों का मंच बनी। शासन के निर्देशों और कलेक्टर हर्ष सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित जनसुनवाई में प्रशासनिक अधिकारियों ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और उनके निराकरण के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत एवं अपर कलेक्टर सृजन वर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने करीब 55 आवेदनों पर सुनवाई की। जनसुनवाई में पहुंचे लोगों ने राजस्व, नगर निगम, विद्युत, पंचायत और अन्य विभागों से जुड़ी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं।
प्रशासन की ओर से कहा गया कि जनसुनवाई केवल शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि समस्याओं के त्वरित और नियमानुसार समाधान की दिशा में काम करने का माध्यम है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और अनावश्यक लंबित न रखा जाए। जनसुनवाई में आने वाले आवेदन इस बात का संकेत भी देते हैं कि आम नागरिक अभी भी अपनी रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए सीधे प्रशासनिक हस्तक्षेप की अपेक्षा रखते हैं। राजस्व विवाद, स्थानीय निकायों की समस्याएं, बिजली और पंचायत स्तर के मामलों का बड़ी संख्या में जनसुनवाई तक पहुंचना जमीनी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।
हालांकि हर जनसुनवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल वही रहता है—क्या आवेदन सुन लिए जाने के बाद लोगों को तय समय में वास्तविक राहत भी मिलती है या शिकायतें अगली जनसुनवाई तक फिर लौट आती हैं।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- यदि हर सप्ताह जनसुनवाई हो रही है, तो राजस्व, बिजली और पंचायत जैसी बुनियादी समस्याएं बार-बार जनसुनवाई तक क्यों पहुंच रही हैं?
- करीब 55 आवेदनों में से कितने मामलों का मौके पर समाधान हुआ और कितनों के लिए समय-सीमा तय की गई—क्या इसकी सार्वजनिक मॉनिटरिंग होगी?
- जनसुनवाई में दिए गए निर्देशों का फॉलोअप कौन करेगा और यदि विभाग समय पर निराकरण नहीं करते तो जवाबदेही किसकी तय होगी?
