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| रायगढ़ में धर्म और पर्यटन का नया संगम, पहाड़ मंदिर में बनेगी 51 फीट ऊंची बजरंगबली प्रतिमा Aajtak24 News |
रायगढ़ - रायगढ़ के ऐतिहासिक गजमार पहाड़ मंदिर को अब भव्य धार्मिक-पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। गुरुवार को वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने यहां प्रस्तावित 51 फीट ऊंची कांस्य बजरंगबली प्रतिमा का विधिवत भूमिपूजन किया। करीब 10 टन वजनी यह प्रतिमा जनसहयोग से तैयार की जाएगी। भूमिपूजन कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और “जय श्री राम” तथा “जय बजरंगबली” के जयघोषों के बीच संपन्न हुआ। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और महाभंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्री लाल साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
धार्मिक आस्था से आगे पर्यटन की बड़ी तैयारी
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि रायगढ़ अब केवल औद्योगिक और सांस्कृतिक पहचान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि पहाड़ मंदिर पहले से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, लेकिन विशाल बजरंगबली प्रतिमा बनने के बाद यह प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि इस परियोजना से स्थानीय रोजगार, छोटे व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। मंत्री ने इसे “जनभागीदारी से बनने वाला आस्था का प्रतीक” बताया और नागरिकों से सहयोग की अपील की।
श्रद्धा के साथ उठने लगे कई सवाल
हालांकि प्रतिमा निर्माण की घोषणा के बाद लोगों में उत्साह है, लेकिन इस परियोजना को लेकर कई सवाल भी उठने लगे हैं। जनसहयोग से बनने वाली इस विशाल प्रतिमा पर कितना खर्च आएगा, इसकी पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित होगी, और क्या धार्मिक पर्यटन के नाम पर शहर की दूसरी मूलभूत समस्याएं पीछे तो नहीं छूट जाएंगी—इन मुद्दों पर अब चर्चा तेज हो रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है, तो पहाड़ मंदिर तक सड़क, पार्किंग, सुरक्षा, पेयजल और सफाई जैसी सुविधाओं का मजबूत ढांचा भी तैयार करना होगा। केवल विशाल प्रतिमा बना देने से पर्यटन को स्थायी बढ़ावा मिलना आसान नहीं होगा।
आस्था के साथ राजनीति की भी चर्चा
राजनीतिक गलियारों में भी इस आयोजन की चर्चा रही। विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने सवाल उठाए कि क्या धार्मिक परियोजनाओं के जरिए राजनीतिक छवि मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि समर्थकों का कहना है कि इससे रायगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सकती है। फिलहाल गजमार पहाड़ मंदिर में बनने वाली यह विशाल बजरंगबली प्रतिमा पूरे क्षेत्र में आकर्षण और चर्चा का केंद्र बन गई है। आने वाले समय में यह परियोजना रायगढ़ की धार्मिक, सामाजिक और पर्यटन पहचान को किस दिशा में ले जाती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जनसहयोग से बनने वाली 10 टन कांस्य प्रतिमा के लिए कुल बजट कितना है, पैसा किस माध्यम से आएगा और उसकी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या सार्वजनिक ऑडिट कराया जाएगा?
- रायगढ़ में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत समस्याएं अब भी मौजूद हैं, ऐसे में धार्मिक प्रतिमा परियोजना को प्राथमिकता देने का आधार क्या है?
- क्या सरकार के पास ऐसा कोई विस्तृत मास्टर प्लान है जिससे यह साबित हो सके कि प्रतिमा निर्माण के बाद वास्तव में पर्यटन, रोजगार और स्थानीय व्यापार को लाभ मिलेगा, या यह केवल प्रतीकात्मक घोषणा बनकर रह जाएगी?
