| गौरेला-पेंड्रा; 50 किलो अचार से 20 क्विंटल धान तक: महिला समूहों ने दिखाई आत्मनिर्भरता की ताकत Aajtak24 News |
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही - कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने पेण्ड्रा विकासखंड के कोटमीकला क्लस्टर ग्राम पंचायत में महिला उत्पादक समूहों की बैठक लेकर उनके आजीविका गतिविधियों और उत्पादन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में महिला समूहों की दीदियों ने बताया कि उन्होंने सामूहिक प्रयासों से विभिन्न उत्पाद तैयार कर बाजार से जोड़ने की दिशा में काम शुरू किया है। समूह द्वारा अब तक 50 किलोग्राम आम का अचार तैयार किया गया है, जबकि 40 किलोग्राम आंवला का अचार तैयार कर बिक्री भी की जा चुकी है।
इसके साथ ही महिलाओं ने जानकारी दी कि समूह स्तर पर 20 क्विंटल धान की खरीद की गई है और बड़ी मात्रा में सूखा आम तथा महुआ का संग्रहण किया गया है, जिससे आगे प्रसंस्करण और विक्रय की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
आजीविका मॉडल पर जोर
कलेक्टर ने समूहों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को ब्रांडिंग और बाजार से जोड़कर ही स्थायी आय सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने समूहों को उत्पादन के साथ-साथ पैकेजिंग, गुणवत्ता और विपणन पर ध्यान देने के निर्देश दिए।
महिलाओं की भूमिका पर फोकस
महिला समूहों ने अपनी आगामी कार्ययोजना भी साझा की, जिसमें उत्पादन बढ़ाने, नए उत्पाद जोड़ने और बिक्री नेटवर्क विस्तार की योजना शामिल है। प्रशासन ने उन्हें तकनीकी सहायता और बाजार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
प्रशासनिक मौजूदगी
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे और जिला मिशन प्रबंधक श्री डी.एस. सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- 50 किलो अचार और सीमित उत्पादन के आधार पर महिला समूहों को “आत्मनिर्भरता मॉडल” बताया जा रहा है, लेकिन क्या इनके लिए स्थायी बाजार और न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है?
- 20 क्विंटल धान खरीद का उपयोग समूहों की आय बढ़ाने में कैसे होगा—क्या यह सिर्फ भंडारण है या वास्तविक मूल्य संवर्धन (value addition) की कोई योजना भी है?
- महुआ और स्थानीय उत्पादों की बड़ी मात्रा में संग्रहण के बावजूद क्या इनके प्रसंस्करण (processing) और ब्रांडिंग के लिए कोई जिला स्तरीय उद्योग इकाई या स्थायी ढांचा मौजूद है?