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| कटनी की 5 प्राचीन बावड़ियाँ होंगी फिर से जीवित, किले से लेकर करौंदी तक पर्यटन का नया रोडमैप तैयार Aajtak24 News |
कटनी - कटनी में कलेक्टर श्री आशीष तिवारी की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में जिले की ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहरों को पुनर्जीवित करने का बड़ा निर्णय लिया गया। बैठक में तय हुआ कि जिले की 5 प्राचीन बावड़ियों का जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जीर्णोद्धार किया जाएगा, ताकि उन्हें पर्यटन और जल संरक्षण दोनों दृष्टि से उपयोगी बनाया जा सके। इनमें कटनी शहर की वार्ड्सले स्कूल परिसर और बरगवां रोड स्थित बावड़ियाँ, तथा ग्रामीण क्षेत्रों की विलायतकला, बचैया और टिकरिया की बावड़ियाँ शामिल हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि इन धरोहरों को केवल संरक्षित नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
बैठक में विजयराघवगढ़ के ऐतिहासिक किले के पुनरुद्धार और मरम्मत के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड को निर्देश दिए गए। साथ ही पुरातात्विक स्थलों पर अतिक्रमण हटाने और सीमांकन की कार्रवाई भी तेज करने को कहा गया।
इसके अलावा “भारत के केंद्र बिंदु” करौंदी को पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए ट्रस्ट गठन की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे मॉडल को विस्तार देने पर जोर दिया गया, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- पांच बावड़ियों के जीर्णोद्धार की घोषणा तो हो गई, लेकिन अब तक कितनी धरोहरें वास्तव में सुरक्षित हो पाई हैं—क्या यह केवल घोषणाओं तक सीमित योजना बनकर रह जाएगी?
- पुरातात्विक स्थलों पर अतिक्रमण की स्थिति पहले से क्यों बनी रही, और क्या एएसआई और जिला प्रशासन के बीच समन्वय की कमी इसके लिए जिम्मेदार है?
- ग्रामीण पर्यटन और होम-स्टे को बढ़ावा देने की बात हो रही है, लेकिन क्या स्थानीय लोगों को वास्तविक आर्थिक लाभ देने के लिए कोई ठोस नीति और बाजार लिंकिंग सिस्टम तैयार किया गया है?
