![]() |
| शनि जयंती पर 'न्याय' की अदालत: साढ़ेसाती और ढैय्या से परेशान 5 राशियों के लिए कल का दिन है वरदान Aajtak24 News |
नई दिल्ली - शनि जयंती वह दिन है जब आप कर्मफलदाता शनि देव को प्रसन्न कर अपनी कुंडली के दोषों को कम कर सकते हैं। 16 मई को शनि देव अपनी वर्तमान स्थिति (मीन राशि) में रहते हुए भक्तों के कर्मों का हिसाब करेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जिन लोगों पर शनि की टेढ़ी नजर यानी साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, उनके लिए कल का दिन किसी 'लाइफ-लाइन' से कम नहीं है।
इन 5 राशियों पर है 'शनि का साया'
वर्तमान में मेष, कुंभ और मीन राशि वाले साढ़ेसाती के विभिन्न चरणों से गुजर रहे हैं, जबकि सिंह और धनु राशि के जातकों पर ढैय्या का प्रभाव है। इन राशियों को अगले एक साल तक संभलकर चलने की जरूरत है।
राशिवार 'हटके' उपाय और सावधानियां
1. मेष राशि: खर्चों पर लगाएं लगाम आप पर साढ़ेसाती का पहला चरण है। मेहनत का फल देरी से मिलेगा और आत्मविश्वास डगमगा सकता है।
अचूक उपाय: केवल शनिवार ही नहीं, बल्कि मंगलवार को भी बजरंग बाण का पाठ करें। किसी मंदिर के बाहर बैठे जरूरतमंद को काले रंग की चप्पल या जूते दान करें।
2. मीन राशि: रिश्तों में लाएं मिठास आप पर साढ़ेसाती का सबसे कठिन दूसरा चरण चल रहा है। पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
अचूक उपाय: शनिवार शाम को एक कटोरे में सरसों का तेल भरें, उसमें अपना चेहरा देखें (छाया दान) और उसे मंदिर में रख दें। साथ ही, काले कुत्ते को तेल लगी रोटी खिलाएं।
3. कुंभ राशि: राहत की ओर कदम आप पर साढ़ेसाती का आखिरी चरण है। नौकरी में सुधार होगा, लेकिन जिम्मेदारियों का बोझ मानसिक तनाव दे सकता है।
अचूक उपाय: शनि देव का अभिषेक सरसों के तेल से करें। काले तिल और काली उड़द का दान करना आपके लिए 'कवच' का काम करेगा।
4. सिंह राशि: धैर्य की परीक्षा आप पर शनि की ढैय्या का असर है। कामों में बेवजह रुकावटें आएंगी और मेहनत के बावजूद परिणाम शून्य लग सकते हैं।
अचूक उपाय: सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं। काली उड़द की खिचड़ी का दान करें।
5. धनु राशि: वाणी पर रखें नियंत्रण आप भी ढैय्या से प्रभावित हैं। करियर में संघर्ष और रिश्तों में बहस होने की प्रबल संभावना है।
अचूक उपाय: शनि मंदिर में काले तिल चढ़ाएं। किसी गरीब बुजुर्ग को काले कपड़े भेंट करें, इससे शनि देव का क्रोध शांत होता है।
शनि जयंती का 'गोल्डन रूल'
शनि देव केवल पूजा से नहीं, बल्कि सही आचरण से प्रसन्न होते हैं। कल के दिन किसी गरीब का अपमान न करें, झूठ न बोलें और अपने कर्मचारियों को खुश रखें। याद रखिए, शनि 'सजा' नहीं, आपके 'कर्मों का फल' देते हैं।
