39 परिवारों की टूटी उम्मीदों को मिली नई जिंदगी: कोंडागांव पुलिस ने ‘गुमशुदगी’ को बनाया ‘घर वापसी की कहानी’ Aajtak24 News

39 परिवारों की टूटी उम्मीदों को मिली नई जिंदगी: कोंडागांव पुलिस ने ‘गुमशुदगी’ को बनाया ‘घर वापसी की कहानी’ Aajtak24 News

कोंडागांव - जिले में पुलिस ने अप्रैल माह के दौरान चलाए गए दो विशेष अभियानों—“ऑपरेशन मुस्कान” और “ऑपरेशन तलाश”—के तहत 39 गुमशुदा लोगों को सुरक्षित बरामद कर उनके परिवारों से मिलवाया है। इनमें 12 बच्चे और 27 वयस्क शामिल हैं, जिन्हें देश के विभिन्न राज्यों से खोजकर वापस लाया गया। 01 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चले इस अभियान में पुलिस की टीमों ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण, सोशल मीडिया ट्रैकिंग और अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय कर यह सफलता हासिल की।

“ऑपरेशन मुस्कान” के तहत 12 गुमशुदा बच्चों को मुंबई, तमिलनाडु और अन्य राज्यों से सुरक्षित बरामद किया गया। वहीं “ऑपरेशन तलाश” के माध्यम से 27 वयस्कों को भी अलग-अलग परिस्थितियों से ट्रेस कर उनके परिवारों तक पहुंचाया गया। यह पूरा अभियान पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीश्रीमाल के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चन्द्रा के निर्देशन और विभिन्न थाना टीमों के संयुक्त प्रयास से सफल हुआ।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गुमशुदगी केवल एक मामला नहीं बल्कि परिवार के लिए गहरा भावनात्मक संकट होता है, और पुलिस का संकल्प है कि किसी भी नागरिक को लापता रहने न दिया जाए। इस अभियान में पुलिस की लगातार निगरानी और टीमवर्क ने न केवल गुमशुदा लोगों को खोजा, बल्कि 39 परिवारों की खुशियां भी वापस लौटा दीं।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल

  1. क्या गुमशुदगी के मामलों को रोकने के लिए पुलिस के पास कोई प्रिवेंटिव सिस्टम है, या कार्रवाई सिर्फ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही शुरू होती है?
  2. 39 मामलों में से कितने मामलों में परिवारों को शुरुआती चरण में ही जानकारी मिल सकती थी—क्या सूचना तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है?
  3. क्या बच्चों के गुम होने के मामलों में मानव तस्करी या अन्य नेटवर्क की जांच भी अलग से की जा रही है, या यह केवल रेस्क्यू तक सीमित है?


Post a Comment

Previous Post Next Post