| 5 हजार की उधारी या मौत की साजिश? कुम्हीचुआ हत्याकांड का पर्दाफाश Aajtak24 News |
रायगढ़ - जिले के कापू थाना क्षेत्र में हुए अंधे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। ग्राम कुम्हीचुआ में मिले युवक के शव मामले में जांच के बाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। घटना 27 अप्रैल 2026 की है, जब देवव्रत तुरी (30 वर्ष) का शव उसके निर्माणाधीन मकान के पीछे बाड़ी में संदिग्ध हालत में मिला था। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध मौत का लग रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या और हड्डी टूटने से मौत की पुष्टि हुई, जिसके बाद मामला हत्या में बदल गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक और आरोपी करमसाय नगेसिया के बीच करीब 5,000 रुपये की उधारी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। यह विवाद धीरे-धीरे रंजिश में बदल गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एसडीओपी धरमजयगढ़ और कापू पुलिस टीम ने सघन जांच शुरू की। संदिग्धों से पूछताछ के बाद पुलिस का शक करमसाय नगेसिया पर गया। पूछताछ में पहले आरोपी टालमटोल करता रहा, लेकिन बाद में उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, 26 अप्रैल की रात आरोपी ने मृतक को घर के पास देखा और पुराने विवाद के चलते गुस्से में उसका पीछा किया। इसके बाद उसने गला और मुंह दबाकर हत्या कर दी और शव को घर के पीछे बाड़ी में फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि कानून को हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और ऐसे अपराधों का तेजी से खुलासा किया जाएगा।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल
- क्या 5 हजार रुपये की पुरानी उधारी जैसे विवाद को समय रहते सुलझाने के लिए गांव स्तर पर कोई मध्यस्थता या निगरानी तंत्र मौजूद था?
- हत्या के बाद शव छिपाने की कोशिश के बावजूद आरोपी तीन दिन तक कैसे बचता रहा—क्या स्थानीय सूचना तंत्र या पुलिस पेट्रोलिंग में कोई गैप था?
- क्या इस मामले में केवल व्यक्तिगत रंजिश है या गांव में पहले से चल रहे आर्थिक विवादों और तनावों की भी जांच की जाएगी?