सूरजपुर; रात के अंधेरे में मवेशी तस्करी का खेल, पुलिस ने पीछा कर दबोचे 3 आरोपी Aajtak24 News

सूरजपुर; रात के अंधेरे में मवेशी तस्करी का खेल, पुलिस ने पीछा कर दबोचे 3 आरोपी Aajtak24 News

सूरजपुर - जिले में अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई के अभियान के बीच प्रतापपुर पुलिस ने कथित मवेशी तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लगभग 1 लाख रुपये कीमत की 5 भैंस, परिवहन में प्रयुक्त एक पिकअप वाहन और रेकी में इस्तेमाल की जा रही एक कार जब्त की है। पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर क्षेत्र में रात्रि गश्त और निगरानी बढ़ाई गई थी। इसी दौरान 26 मई 2026 की रात थाना प्रतापपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग पिकअप वाहन में मवेशियों को लोड कर ले जा रहे हैं और उनके आगे-पीछे एक अलग कार रेकी कर रही है।

सूचना के बाद पुलिस टीम ने कदमपारा चौक क्षेत्र में घेराबंदी की। कुछ समय बाद बताए गए नंबर के वाहन दिखाई दिए, जिन्हें रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस का दावा है कि वाहन नहीं रुके और बनारस रोड की ओर भागने लगे। इसके बाद पुलिस ने पीछा कर दोनों वाहनों को रोक लिया। जांच के दौरान पिकअप वाहन में 5 भैंस लोड मिलीं। पुलिस का कहना है कि मवेशियों को कथित रूप से क्रूरतापूर्वक ले जाया जा रहा था। मौके पर मौजूद लोगों से परिवहन, खरीद-बिक्री और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, लेकिन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने देवकुमार कोरवा (24), जुबैर आलम (32) और शमीम अंसारी (38) को हिरासत में लिया। बाद में उनके खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मामले में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(ए) के तहत कार्रवाई की है। मामले की आगे जांच जारी है। कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रतापपुर नरेन्द्र सिंह सहित पुलिस टीम के अन्य जवान शामिल रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. क्या शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि पकड़े गए आरोपी किसी बड़े अंतरजिला या संगठित मवेशी परिवहन नेटवर्क से जुड़े हैं?

2. जिन 5 भैंसों को जब्त किया गया, उनकी वास्तविक खरीद, मालिकाना हक और गंतव्य की पुष्टि कैसे की जाएगी?

3. पुलिस ने रेकी में प्रयुक्त कार जब्त की है—क्या आरोपियों के मोबाइल, कॉल रिकॉर्ड या डिजिटल लोकेशन की जांच कर पहले की गतिविधियों का भी विश्लेषण किया जाएगा?

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