बलौदाबाजार-भाटापारा में राजसात वाहनों की नीलामी से ₹21.11 लाख राजस्व प्राप्त Aajtak24 News
बलौदाबाजार - बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में पुलिस प्रशासन द्वारा राजसात किए गए वाहनों की नीलामी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें कुल ₹21,11,000 की राजस्व राशि प्राप्त हुई। यह नीलामी 30 अप्रैल 2026 को पुलिस कम्युनिटी हॉल बलौदाबाजार में आयोजित की गई, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जानकारी के अनुसार, जिले के विभिन्न थाना एवं चौकियों में आबकारी एक्ट, पशु क्रूरता अधिनियम एवं एनडीपीएस से जुड़े मामलों में जब्त किए गए वाहनों को न्यायालय के आदेश के बाद शासन के पक्ष में राजसात किया गया था। इन वाहनों की नीलामी के लिए 23 अप्रैल 2026 को विधिवत विज्ञापन जारी किया गया था, साथ ही इसकी सूचना पुलिस के आधिकारिक फेसबुक पेज के माध्यम से भी प्रसारित की गई थी।
नीलामी प्रक्रिया में कुल 73 वाहनों को शामिल किया गया, जिनके लिए 298 प्रतिभागियों ने बोली लगाई। नीलामी के दौरान वाहनों के लिए खुली बोली लगाई गई, जिसमें सबसे अधिक ₹5,60,000 तक की बोली दर्ज की गई। पूरी प्रक्रिया सुबह 11 बजे से शुरू होकर दोपहर 3 बजे तक चली, जिसमें पारदर्शिता और नियमों का विशेष ध्यान रखा गया। नीलामी में भाग लेने के लिए प्रतिभागियों को पहले से निर्धारित शुल्क के रूप में डिमांड ड्राफ्ट जमा करना अनिवार्य था। दोपहिया वाहनों के लिए ₹2000, चारपहिया वाहनों के लिए ₹4000 और भारी वाहनों के लिए ₹5000 की राशि निर्धारित की गई थी। इच्छुक प्रतिभागियों ने पुलिस लाइन कार्यालय में यह राशि जमा कर नीलामी में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की थी।
इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 5 सदस्यीय समिति का गठन किया गया था, जिसमें एसडीओपी भाटापारा श्री तारेश साहू, जिला परिवहन अधिकारी, तहसीलदार बलौदाबाजार, रक्षित निरीक्षक और एमटीओ रक्षित केंद्र शामिल थे। समिति की निगरानी में नीलामी की सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं। नीलामी के बाद मौके पर ही वाहनों से संबंधित कागजी कार्यवाही भी पूरी की गई। प्रशासन के निर्देशानुसार सभी सफल बोलीदाताओं को 7 दिनों के भीतर अपनी पूरी राशि जमा करनी होगी। उल्लेखनीय है कि नीलामी के तुरंत बाद ही प्रतिभागियों द्वारा ₹3,20,000 की राशि जमा भी कर दी गई।
जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आयोजित इस नीलामी प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और व्यवस्थित तरीके से संपन्न किया गया। इस पहल से न केवल शासन को राजस्व प्राप्त हुआ, बल्कि जब्त वाहनों के प्रभावी उपयोग की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।