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| सिंहस्थ 2028 की दौड़ में ‘नाइट शिफ्ट’ पर उज्जैन! कलेक्टर बोले— धूप में नहीं, अब रात में दौड़ेंगे विकास कार्य Aajtak24 News |
उज्जैन - उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियां अब युद्धस्तर पर पहुंचती दिखाई दे रही हैं। करोड़ों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए शहर में सड़क चौड़ीकरण, नई सड़कें और आधारभूत ढांचे के बड़े निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं। इसी बीच भीषण गर्मी और तेज धूप को देखते हुए कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने निर्माण एजेंसियों को अहम निर्देश जारी किए हैं कि जहां छाया की व्यवस्था नहीं है, वहां दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक काम बंद रखा जाए और निर्माण कार्य शाम से रात तक कराया जाए। रविवार को कलेक्टर ने उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मजदूरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जाएगा। रात में काम के दौरान पर्याप्त रोशनी और बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए ताकि निर्माण कार्य की गति प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सिंहस्थ 2028 को विश्वस्तरीय आयोजन बनाने के लिए शहर में बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट किया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि इन परियोजनाओं से सिंहस्थ के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाया जा सकेगा। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने जूना सोमवारिया से पीपलीनाका और पीपलीनाका से अंकपात तिराहा तक बन रही 1.78 किलोमीटर लंबी सीसी सड़क चौड़ीकरण परियोजना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी को सड़क निर्माण में नियमित पानी का छिड़काव करने और फिनिशिंग कार्य बेहतर तरीके से करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा खाक चौक, वीर सावरकर चौराहा, गढ़कालिका-भर्तृहरी गुफा मार्ग, पीपलीनाका से गढ़कालिका मंदिर तक 45 मीटर चौड़ी सड़क, ओखलेश्वर शमशान क्षेत्र, पीर मत्स्येंद्रनाथ समाधि मार्ग और कार्तिक मेला ग्राउंड के सामने बन रहे सिंहस्थ कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया गया। भूखीमाता क्षेत्र में बन रहे नए सर्किट हाउस और उजरखेड़ा से मोहनपुरा तक सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता भी परखी गई। कलेक्टर ने सर्किट हाउस परिसर के समीप शासकीय जमीन पर पार्किंग विकसित करने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में यातायात अव्यवस्थित न हो। वहीं उजरखेड़ा क्षेत्र में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांचते हुए उन्होंने इंजीनियरों को लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा।
प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ 2028 के लिए सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हालांकि शहर में लगातार चल रहे निर्माण कार्यों के कारण कई क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव, धूल और आम नागरिकों को असुविधा की शिकायतें भी सामने आने लगी हैं। ऐसे में यह चुनौती भी प्रशासन के सामने है कि विकास कार्यों की गति और जनता की सुविधा के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- सिंहस्थ 2028 के नाम पर करोड़ों रुपए के निर्माण कार्य चल रहे हैं, तो क्या प्रशासन ने इनके लिए स्वतंत्र गुणवत्ता ऑडिट और पारदर्शी निगरानी की कोई व्यवस्था बनाई है?
- निर्माण कार्यों के कारण शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या, धूल और आम जनता की परेशानियों को कम करने के लिए प्रशासन की ठोस योजना क्या है?
- मजदूरों को दोपहर में राहत देने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन क्या निर्माण स्थलों पर श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा, पीने का पानी और मेडिकल सुविधा की नियमित निगरानी भी हो रही है?
