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| मुरैना में चंबल कमिश्नर की जनसुनवाई: 20 शिकायतें, राजस्व से लेकर जलभराव तक पर सख्त निर्देश Aajtak24 News |
मुरैना - मुरैना स्थित चंबल भवन में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में चंबल संभाग के आयुक्त श्री सुरेश कुमार ने नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। इस दौरान कुल 20 आवेदकों ने अपनी विभिन्न समस्याएं और शिकायतें प्रस्तुत कीं, जिन पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
राजस्व और भूमि विवाद सबसे प्रमुख मुद्दा
जनसुनवाई में आए अधिकांश मामलों में:
- भूमि विवाद
- नामांतरण से जुड़ी समस्याएं
- राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटियां
जैसे मामले प्रमुख रूप से सामने आए। कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन प्रकरणों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निपटारा किया जाए।
पुलिस और प्रशासनिक शिकायतें भी सामने आईं
कुछ आवेदकों ने पुलिस विभाग से संबंधित मामलों की शिकायत की, जिनमें:
- लंबित जांच
- विवादित मामलों में कार्रवाई की देरी
- स्थानीय स्तर पर असंतोष
जैसे मुद्दे शामिल थे। इस पर कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
साफ-सफाई और जलभराव पर सख्त रुख
जनसुनवाई में नागरिकों ने बुनियादी सुविधाओं की समस्याएं भी उठाईं, जिनमें:
- नालियों का अवरुद्ध होना
- जलभराव की स्थिति
- साफ-सफाई व्यवस्था की खराब हालत
इन मामलों पर कमिश्नर ने नगर निकायों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
कमिश्नर का संदेश: “समाधान पारदर्शी और समयबद्ध हो”
चंबल कमिश्नर श्री सुरेश कुमार ने सभी मामलों का विस्तार से अवलोकन करते हुए कहा कि:
- प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से समाधान किया जाएगा
- किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
- आवेदकों को पारदर्शी और समयबद्ध राहत मिलनी चाहिए
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- अगर जनसुनवाई में बार-बार भूमि विवाद और नामांतरण के मामले आ रहे हैं, तो क्या राजस्व रिकॉर्ड और डिजिटलीकरण की प्रक्रिया अभी भी पूरी तरह प्रभावी नहीं है?
- जलभराव और नालियों की समस्या हर स्तर की जनसुनवाई में क्यों दोहराई जाती है—क्या नगर निकायों की नियमित निगरानी प्रणाली कमजोर है?
- क्या पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतें यह संकेत देती हैं कि स्थानीय स्तर पर जवाबदेही और पारदर्शिता अभी भी अपेक्षित स्तर पर नहीं पहुंची है?
