अमृत 2.0 योजना में आएगी तेजी; कलेक्टर ने सीवरेज कार्यों के लिए मशीनों और मैनपावर बढ़ाने के दिए निर्देश Aajtak24 News

अमृत 2.0 योजना में आएगी तेजी; कलेक्टर ने सीवरेज कार्यों के लिए मशीनों और मैनपावर बढ़ाने के दिए निर्देश Aajtak24 News

उज्जैन - धार्मिक नगरी उज्जैन में सीवरेज तंत्र को आधुनिक बनाने और शहर के विस्तार के साथ स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अमृत 2.0 योजना के तहत युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। गुरुवार को कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में सिंहस्थ मेला कार्यालय के कंट्रोल रूम में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होगा और कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में ही पूर्ण करना होगा।

काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए 'मैनपावर' और 'मशीनें' बढ़ेंगी

समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि प्रगतिरत कार्यों की गति बढ़ाने के लिए मानव संसाधन (लेबर) और मशीनों की संख्या तुरंत बढ़ाई जाए। उन्होंने कार्य करने के घंटों की जानकारी ली और निर्देश दिए कि सभी साइट्स पर सुबह 8 बजे से ही काम शुरू हो जाना चाहिए, ताकि दिन के उजाले का अधिकतम उपयोग किया जा सके।

शहर के विभिन्न जोनों में कार्यों की वर्तमान स्थिति

नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा और इंजीनियर्स ने बैठक में वर्तमान प्रगति की रिपोर्ट पेश की:

  • जोन 1 (कोलूखेड़ी): यहाँ खुदाई का कार्य चल रहा है। कलेक्टर ने इसे दिसंबर तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

  • जोन 3 (चकोर पार्क व खिलचीपुर): चकोर पार्क में लिफ्ट पंपिंग स्टेशन के लिए साइट क्लियरेंस का काम पूरा हो चुका है और जल्द ही खुदाई शुरू होगी। वहीं, खिलचीपुर में पंपिंग स्टेशन की खुदाई जारी है।

  • जोन 5 (चंदेसरी व हामुखेड़ी): चंदेसरी में लिफ्ट पंपिंग स्टेशन का पीसीसी क्यूरिंग (PCC Curing) कार्य चल रहा है, जबकि हामुखेड़ी में भी कार्य प्रगति पर है।

  • जोन 7 (सावराखेड़ी): यहाँ इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन की डिजाइन और ड्राइंग का काम पूरा हो गया है, अब जल्द ही धरातल पर खुदाई शुरू होगी।

  • जोन 8 (सुरासा): यहाँ साइट क्लियरेंस और लेआउट का काम पूरा होने के बाद अब खुदाई का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

गुणवत्ता और मॉनिटरिंग पर जोर

कलेक्टर ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से साइट विजिट करें और यह सुनिश्चित करें कि खुदाई के बाद सड़कों का रेस्टोरेशन (सुधार कार्य) भी मानक के अनुसार हो। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को चेतावनी दी कि यदि कार्ययोजना के अनुसार काम की प्रगति नहीं बढ़ी, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा, अपर आयुक्त श्री पवन कुमार सिंह सहित निगम के सभी जोन इंजीनियर्स और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन का लक्ष्य है कि मानसून से पहले और सिंहस्थ के आगामी प्रबंधन को देखते हुए सीवरेज के मुख्य कार्यों को गति दी जाए।

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